इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 6.7 मापी गई तीव्रता
इंडोनेशिया में मंगलवार सुबह भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। सुलावेसी द्वीप पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.7 मापी गई है। भूकंप का केंद्र मध्य सुलावेसी प्रांत की राजधानी ‘पालु’ से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। राहत की बात यह है कि भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिसके कारण झटके काफी तीव्र महसूस किए गए।
फिलहाल, स्थानीय अधिकारियों ने किसी के हताहत होने या किसी बड़ी क्षति की तत्काल कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है। हालांकि, प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में नुकसान का बारीकी से आंकलन कर रही हैं। चूंकि भूकंप की तीव्रता अधिक है, इसलिए प्रशासन ने आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) की संभावना के चलते निवासियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
इंडोनेशिया का भूकंपीय रूप से संवेदनशील होने का मुख्य कारण उसका ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ (Pacific Ring of Fire) पर स्थित होना है। यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में मिलती हैं। इसी वजह से इंडोनेशिया में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर होती रहती हैं, जहां करोड़ों लोग जोखिम भरे क्षेत्रों में रहते हैं।
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले पड़ोसी देश फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। फिलीपींस की उस आपदा में कम से कम 35 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। वहां आए भूकंप ने इमारतों को जमींदोज कर दिया था और सुनामी तक का खतरा पैदा कर दिया था। दक्षिण-पूर्व एशिया में हालिया दिनों में आई ये प्राकृतिक आपदाएं एक बार फिर क्षेत्र की संवेदनशीलता को उजागर करती हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के शक्तिशाली भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं, जो खतरनाक हो सकते हैं। आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित इलाकों से लगातार जानकारी जुटा रही हैं ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके। फिलहाल, स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
