नागपंचमी पर महाकाल परिसर के नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़; कई श्रद्धालु घायल
नागपंचमी के पावन पर्व पर वर्ष में केवल एक बार 24 घंटे के लिए खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचे थे। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए लगी लंबी कतारों के दौरान सोमवार सुबह अचानक भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई। भीड़ नियंत्रण और दर्शन कतारों के बीच हुई इस घटना से कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई और दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप दर्शनार्थियों की बैरिकेडिंग कतार के पास स्थित विद्युत डीपी में करंट उतरने की अफवाह तेजी से फैल गई। नीलकंठ द्वार के पास कतार में लगे लोगों में करंट की खबर सुनते ही एक-दूसरे से आगे निकलने और सुरक्षित भागने की होड़ मच गई। इसी दौरान बैरिकेड्स से टकराने और एक-दूसरे के ऊपर गिरने से कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और घायल हो गए।
दूसरी ओर, हरसिद्धि मंदिर के सामने बने होल्डिंग एरिया और बैरिकेडिंग जोन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र हो गई थी। उमस और अत्यधिक दबाव के चलते करीब 13 श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने तुरंत स्थिति को संभाला और अचेत हुए लोगों को प्राथमिक उपचार देते हुए तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल रवाना किया।
हादसे में घायल और अस्वस्थ हुए श्रद्धालुओं को तुरंत उज्जैन के जिला अस्पताल और चरक अस्पताल ले जाया गया। प्रभावित श्रद्धालुओं में उज्जैन के ढांचा भवन निवासी हिंदूबाई व लक्ष्मीबाई, किशनपुरा के 19 वर्षीय सागर, गंजबासौदा की अनसूया व उनकी मां ममता, गुजरात के सिलवासा (वापी) निवासी हरिश्चंद्र, वलसाड की तुलसी व रेखाबाई, ग्वालियर की 18 वर्षीय सोनम व खुशी और बिहार के दरभंगा निवासी सुजीत कुमार शामिल हैं। बैरिकेड्स से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर कतारों को व्यवस्थित किया गया और भीड़ के दबाव को धीरे-धीरे कम किया गया। विद्युत विभाग की टीम ने संबंधित क्षेत्र की जांच कर करंट की अफवाह का खंडन किया। प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पाते हुए श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को पुनः सुचारू करा दिया है।
