जालंधर में RTI कार्यकर्ता की हत्या का खुलासा, 5 लाख के विवाद में चचेरे भाई ने ली जान
पंजाब के जालंधर के चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता की हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे 5 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि सिमरनजीत सिंह का चचेरा भाई शरणदीप सिंह निकला, जो उसके साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था.
सिमरनजीत सिंह के कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए कपूरथला पुलिस ने मुख्य आरोपी शरणदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली. बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन दोनों फगवाड़ा में एक प्लॉट देखने गए थे.
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को सुबह 11 बजे के करीब एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के शरीर पर गोली लगने के निशान थे.
जांच के दौरान मृतक की पहचान जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह के तौर पर हुई. मौके से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी बरामद की गई है, जिसमें सिमरनजीत सिंह अपने घर से आया था. पुलिस को गाड़ी की तलाशी के दौरान एक 12 बोर की राइफल भी मिली है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुलजिम शरणदीप सिंह मृतक का मामे का लड़का है. घटना के समय सिमरनजीत सिंह अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी में था, जबकि शरणदीप अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट गाड़ी में वहां पहुंचा था. प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों एक प्लॉट देखने गए थे, जहां आपसी बातचीत के दौरान दोनों के बीच पैसों को लेकर कहासुनी हुई. विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर आरोपी ने .32 बोर के हथियार से गोली चला दी.
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन डेटा ने आरोपियों की मौजूदगी की पुष्टि की है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को फगवाड़ा बाईपास के पास से गिरफ्तार कर लिया है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
