जन शिकायतों पर सख्त हुए CM नायब सिंह सैनी, अधिकारियों को दिए कड़े आदेश
हरियाणा सरकार ने जन शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर अब सभी विभागों के प्रशासनिक सचिव प्रतिदिन जनसंवाद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करेंगे। सरकार का उद्देश्य शिकायतों का शीघ्र समाधान, गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) और शिकायतकर्ताओं से नियमित संवाद सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने हाल की समीक्षा बैठकों में जनसंवाद पोर्टल पर लंबित मामलों और शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक का संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बाद सभी विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी “अत्यावश्यक/अत्यंत महत्वपूर्ण” पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रशासनिक सचिव स्वयं उसकी प्रगति की समीक्षा करें। शिकायतों के निस्तारण में देरी होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी भी जताई है। साथ ही पोर्टल पर प्रत्येक मामले की अद्यतन स्थिति समय-समय पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी पाया कि कई मामलों में विभाग शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करते, जिसके कारण एक ही शिकायत बार-बार मुख्यमंत्री तक पहुंच रही है। ऐसे में अब अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सक्रिय संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी शिकायत का अनावश्यक दोहराव पाया गया तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) स्पष्ट, तथ्यात्मक और ठोस होनी चाहिए। पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली प्रत्येक एटीआर संबंधित विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी की जाएगी, क्योंकि इनकी समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर भी की जाती है।
जिन शिकायतों का समाधान संभव नहीं है, उन्हें “डिनाइड/नॉट फिजिबल” श्रेणी में रखने से पहले स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाएगी। सरकार ने शिकायतों के सही वर्गीकरण पर भी विशेष जोर दिया है।
सरकार ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज होगी, उन्हें उसी मामले की जांच की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में स्वतंत्र और वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाएगी ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मानव संसाधन का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर सरकारी कार्यों में देरी करना स्वीकार्य नहीं होगा। विभागों को मानव संसाधन संबंधी समस्याओं का समय रहते समाधान करने और कार्यों में अनावश्यक विलंब रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
