अमृतसर एयरपोर्ट पर मंडराते दिखे कई ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट; 7 फ्लाइट्स डायवर्ट
पंजाब में अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार रात 10 बजे उस समय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए, जब एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया में दो से चार संदिग्ध ड्रोन दिखे। रनवे के आस-पास संदिग्ध गतिविधि दिखते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने अलर्ट जारी किया और सुरक्षा के मद्देनजर अमृतसर आने वाली 7 उड़ानों को दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए डायवर्ट कर दिया।
प्राथमिक सूचना के अनुसार, संदिग्ध ड्रोन/उड़ती जैसी वस्तुएं गांव रजाला की दिशा से एयरपोर्ट की ओर आती दिखाई दीं। ड्रोन कुछ मिनटों तक रनवे और आस-पास के संवेदनशील इलाके में मंडराते रहे। रनवे के पास संदिग्ध गतिविधि देख एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने अलर्ट जारी किया और कुछ फ्लाइट्स को डाइवर्ट कर दिया गया।
- मलेशिया एयरलाइंस (एमएच-118): कुआलालंपुर से अमृतसर (दिल्ली डायवर्ट)
- इंडिगो (6ई-5028): मुंबई से अमृतसर (चंडीगढ़ डायवर्ट)
- इंडिगो (6ई-2045): दिल्ली से अमृतसर (चंडीगढ़ डायवर्ट)
- एअर इंडिया (एआई-479): दिल्ली से अमृतसर (दिल्ली वापस भेजा गया)
- एअर इंडिया (एआई-855): दिल्ली से अमृतसर (दिल्ली वापस भेजा गया)
- इंडिगो (6ई-1428): शारजाह से अमृतसर (दिल्ली डायवर्ट)
- एअर इंडिया एक्सप्रेस (आईएक्स-138): शारजाह से अमृतसर (दिल्ली डायवर्ट)
श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो अमृतसर शहर के सेंटर से लगभग 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में राजा सांसी में स्थित है, पंजाब का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। इसका नाम सिखों के चौथे गुरु और अमृतसर के संस्थापक गुरु राम दास के नाम पर रखा गया है। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद उत्तर भारत का दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा भी है। हवाई अड्डा भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से हवाई दूरी के लिहाज से 30 किलोमीटर से भी कम, यानी लगभग 18.6 मील की दूरी पर स्थित है।
इससे पहले, अगस्त में जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधि देखी गई थी। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने घुसपैठ की इस कोशिश को नाकाम कर दिया था। इसके बाद एहतियात के तौर पर सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) के आस-पास तलाशी अभियान शुरू किया।
तीन ड्रोन सुबह करीब 8:05 बजे नौशेरा सेक्टर के रुमलीधारा इलाके के पास भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे। हालांकि, 22 जम्मू-कश्मीर राइफल्स (JAK RIF) के जवानों ने इन्हें समय रहते डिटेक्ट कर लिया और तत्काल काउंटर-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिए। कार्रवाई के बाद तीनों ड्रोन वापस सीमा पार लौटने को मजबूर हो गए। एहतियाती कदम के तौर पर इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।
