मानहानि केस में CM मान की पत्नी गुरप्रीत कौर को झटका, चंडीगढ़ कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह पर लगी रोक हटाई
मानहानि केस में गुरप्रीत कौर को झटका, रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह पर लगी रोक हटी
चंडीगढ़ की सिविल कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा दायर मानहानि मामले में रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह के खिलाफ लगाई गई अंतरिम रोक हटा दी है। कोर्ट ने 8 सितंबर को जारी उस एक्स-पार्टी अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत रणजीत सिंह को कथित 5 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग से जुड़े किसी भी अपुष्ट और मानहानिकारक कंटेंट को सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित करने से रोका गया था।
गुरप्रीत कौर ने आरोप लगाया था कि पूर्व जज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुष्कर्म मामले के एक आरोपी से 5 करोड़ रुपये की कथित मांग को लेकर उन पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना था।
वहीं, रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से उनके वकील चरनजीत सिंह बख्शी ने दलील दी कि गुरप्रीत कौर ने मुकदमे में गलत और भ्रामक तथ्य पेश किए और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणजीत सिंह ने स्पष्ट रूप से बताया था कि 5 करोड़ रुपये की रिश्वत का मुद्दा हाईकोर्ट के फैसले में भी संदर्भित था और ये तथ्य हाईकोर्ट के समक्ष रखे गए थे।
गुरप्रीत कौर की ओर से पेश वकील सुखबीर सिंह ने दावा किया कि लगाए गए आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित थे और उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री भगवंत मान की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जो व्यक्ति अदालत से राहत मांगता है, उसे साफ हाथों से अदालत में आना चाहिए। कोर्ट ने माना कि यदि वादी ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया है, तो प्रतिवादी के आचरण का मुद्दा अलग हो जाता है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस हाईकोर्ट के आदेश के करीब एक महीने बाद हुई थी। रणजीत सिंह पंजाब ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष हैं और अपने पद के कारण उनके क्षेत्राधिकार में मानवाधिकार उल्लंघनों पर नजर रखना उनका दायित्व है।
कोर्ट ने CPC के Order 39 Rule 4 के तहत 8 सितंबर को दी गई अंतरिम रोक को हटाने को उचित माना। अदालत ने कहा कि रणजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई का आधार यानी cause of action अगली तारीख पर स्थापित किया जाना है।
अदालत ने यह भी कहा कि रणजीत सिंह को अपर्याप्त आधार पर अपने खिलाफ अंतरिम रोक हासिल किए जाने को लेकर अलग से मुआवजे की उचित कानूनी कार्रवाई करने की स्वतंत्रता है। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी, जिसमें मुकदमे की maintainability, सभी पक्षों की उपस्थिति और उनके जवाबों पर सुनवाई की जाएगी।
