मोदी सरकार का बड़ा फैसला: अब 22% से 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल पर टैक्स हुआ ज़ीरो

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मोदी सरकार ने एक बड़े फैसले के तहत 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट बढ़ा दी है। BIS स्टैंडर्ड के मुताबिक फ्यूल ब्लेंड्स पर एक्साइज ड्यूटी की दर शून्य होगी।
सरकार ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज स्‍ट्रेट से गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित हो रही है। ऊर्जा आपूर्ति निर्बाध होती रहे इसके लिए एनर्जी सिक्‍योरिटी को लेकर नई नीति अपनाई जा रही है।

इथेनॉल क्या है?

इथेनॉल (Ethanol) एक प्रकार का अत्यधिक शुद्ध अल्कोहल है जिसे आम बोलचाल में ‘एथिल अल्कोहल’ भी कहा जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से मादक पेय पदार्थों (शराब, बीयर आदि) में पीने योग्य अल्कोहल के रूप में भी किया जाता है। यह मुख्य रूप से फर्मेंन्टेशन प्रक्रिया द्वारा बनता है। इसके लिए गन्ने का रस, शीरा, या स्टार्च वाले अनाज (जैसे मक्का, टूटे चावल) का इस्तेमाल होता है।
पर्यावरण को लाभ: पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों से होने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन बहुत कम हो जाता है जिससे प्रदूषण नहीं होता है और पर्यावरण के लिए यह अच्छा माना जाता है।
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से इंजन पर बुरा असर पड़ेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि गाड़ी कितनी पुरानी है और पेट्रोल में कितने प्रतिशत इथेनॉल मिलाया गया है।
इथेनॉल Hygroscopic (नमी सोखने वाला) होता है। यह हवा से पानी को सोख लेता है। अगर गाड़ी लंबे समय तक (जैसे 2-3 महीने) एक ही जगह खड़ी रहे, तो पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल टैंक की हवा की नमी सोखकर पानी के साथ मिलकर टैंक के नीचे बैठ जाता है और शुद्ध पेट्रोल ऊपर आ जाता है। जब आप गाड़ी स्टार्ट करते हैं, तो इंजन में पेट्रोल की जगह पानी और इथेनॉल का मिश्रण चला जाता है, जिससे इंजन स्टार्ट नहीं होता है।
3. जब ईंधन टैंक में पानी की मात्रा बढ़ती है, तो इंजन के अंदरूनी लोहे के पुर्जों में जंग (Rust) लगने लगती है। साथ ही, इथेनॉल एल्युमिनियम, पुरानी गाड़ियों के फ्यूल पाइप, गास्केट और ओ-रिंग्स जो रबर या प्लास्टिक के बने होते हैं, इथेनॉल के संपर्क में आकर गलने या कड़क होकर टूटने लगते हैं। इससे फ्यूल लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।

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