पंचकूला में पराली जलाने पर ड्रोन से रखी जाएगी नजर, कृषि विभाग ने शुरू की पहली बार निगरानी पहल
पंचकूला: धान की पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंचकूला द्वारा पहली बार ड्रोन के जरिए जिले में निगरानी शुरू की जा रही है. इसके लिए ड्रोन तैनात किया गया है, जो जिले के चिन्हित गांवों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखेगा.
पंचकूला कृषि विभाग के उप निदेशक, डॉक्टर राकेश पोरिया ने बताया कि ड्रोन के जरिए विशेष रूप से दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक निगरानी की जाएगी. संदिग्ध घटनाओं की जियो-टैग्ड फोटो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ लोकेशन और समय का विवरण भी दर्ज किया जाएगा.
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई किसान धान की पराली जलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, चालान करने और राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी. रेड एंट्री होने की स्थिति में संबंधित किसान को मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है.
विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को आग लगाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें. पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरक शक्ति प्रभावित होती है और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है. उन्होंने कहा कि इसका मुख्य मकसद किसानों के सहयोग से जिले को पराली जलाने की घटनाओं से मुक्त बनाना है.
