करवा चौथ पर बारिश का अलर्ट! चंडीगढ़-पंजाब में कब निकलेगा चांद? जानें चंद्रोदय का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल 2026 में करवा चौथ का त्योहार गुरूवार 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. लेकिन इस बार करवा चौथ पर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का साया भी है. दरअसल ‘अर्नब’ के असर के चलते मौसम विभाग ने उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में 29 से 31 अक्टूबर तक बारिश और कहीं-कहीं ओले भी गिरने का अलर्ट जारी किया है. करवा चौथ की सुबह से बादल भी छा गए हैं. ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या बादलों के बीच चांद दिखेगा और इसे देखने के लिए महिलाओं को कितना लंबा इंतजार करना पड़ेगा?
करवा चौथ के दिन अलग-अलग जगहों पर चांद दिखने के समय में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है. कुछ जगहों पर करवा चौथ के दिन जल्दी चांद दिख जाता है और कुछ जगहों पर थोड़ी देर से नजर आता है. आइये जानते हैं कि इस बार 29 अक्टूबर 2026 यानि करवा चौथ के दिन आपके शहर में चांद कब निकलेगा. चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चंद्रमा के निकलने की अलग-अलग टाइमिंग (Karwa Chauth Chand Timing 2026) क्या रहने वाली है?
करवा चौथ 2026 पर राजधानी दिल्ली में चंद्रोदय टाइमिंग रात 08 बजकर 13 मिनट के आसपास रहेगी. नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी लगभग यही टाइमिंग होगी. फरीदाबाद में भी रात 08 बजकर 13 मिनट के आसपास करवा चौथ का चांद देखा जा सकेगा. इसके अलावा चंडीगढ़ और पंचकूला में चांद रात 08 बजकर 10 मिनट के आसपास देखा जा सकेगा. वहीं अंबाला, करनाल, सोनीपत में भी 08 बजकर 10 मिनट के करीब की टाइमिंग रहेगी. जबकि हिसार और उसके आसपास क्षेत्र में 08:15 के बाद चांद दिखेगा.
इधर पंजाब के अमृतसर, जालंधर, कपूरथला में चंद्रोदय टाइमिंग रात 08 बजकर 12 मिनट के आसपास रहेगी. जबकि बठिंडा और मानसा में 08:15 के बाद चांद दिखेगा. इसी तरह मोहाली, पटियाला, लुधियाना, रूपनगर में रात 08 बजकर 13 मिनट के आसपास करवा चौथ का चांद देखा जा सकेगा. इसके अलावा मोगा में रात 08 बजकर 13 मिनट के आसपास चांद निकलेगा. वहीं मुंबई में रात 8 बजकर 50 मिनट के करीब चंद्रमा निकलने की टाइमिंग रहेगी. चेन्नई में रात 08 बजकर 38 मिनट, कोलकाता में रात 07 बजकर 42 मिनट पर, लखनऊ में रात 08 बजकर 02 मिनट पर, कानपुर में 8 बजकर 10 मिनट के आसपास करवा चौथ का चांद नजर आयेगा.
भोपाल में रात 08 बजकर 26 मिनट पर, इंदौर में रात 08 बजकर 34 मिनट पर, प्रयागराज में रात 08 बजकर 02 मिनट पर, गोरखपुर में रात 07 बजकर 52 मिनट पर, हरिद्वार में रात 08 बजकर 05 मिनट पर, देहरादून में 08 बजकर 05 मिनट, शिमला में 08 बजकर 06 मिनट, जयपुर में रात 08 बजकर 23 मिनट, पटना में 07 बजकर 48 मिनट, जम्मू में 08 बजकर 11 मिनट के आसपास पर करवा चौथ का चांद नजर आयेगा. बैंगलुरू में रात 08 बजकर 30 मिनट पर और अहमदाबाद में रात 08 बजकर 47 मिनट के करीब पर चंद्रमा निकलेगा.
हर साल कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को ‘करवा चौथ’ का त्योहार मनाया जाता है. सनातन हिंदू वैदिक धर्म में ‘करवा चौथ’ के त्योहार का विशेष महत्व है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और उसके जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूरे दिन बिना अन्न-जल के निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करती हैं.
आइये अब यह भी जान लेते हैं कि पूजा-कथा का शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth Puja Muhurat 2026) क्या रहेगा. इस साल पंचांग के अनुसार, करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजे के बाद से 7 बजे तक रहेगा. हालांकि देश के अन्य शहरों में स्थानीय पंचांग और देशांतर के अंतर के कारण पूजा के समय में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है. मालूम रहे कि करवा चौथ पर करवा माता, भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा की जाती है. इसके साथ ही भगवान शिव, मां पार्वती, कार्तिक जी की भी पूजा होती है.
करवा चौथ की पूजा कुछ चीजों के बिना अधूरी मानी जाती है, इसलिए यहां जान लीजिए करवा चौथ पूजा सामग्री की संपूर्ण लिस्ट के बारे में. करवा चौथ की पूजा में पूजा की चौकी, मिट्टी का करवा और ढक्कन, पानी का कलश, कुमकुम, सिंदूर, फूल, फल, दीया, घी, तेल, कपूर, चावल, शिव परिवार की तस्वीर, करवा चौथ पूजा की थाली, करवा माता की तस्वीर, कांस की तीलियां या सींक, 16 श्रृंगार का सामान, करवा चौथ व्रत कथा की पुस्तक, छलनी, पका हुआ भोजन, कच्चा दूध, रूई की बाती, अगरबत्ती-धूप, आठ पूरियों की अठावरी आदि पूजा सामग्री होनी चाहिए.
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय के साथ शुरू होकर चंद्रमा के उदय तक रखना होता है. ‘करवा चौथ’ की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सभी विवाहित महिलाएं अंतता चंद्रमा को देखकर और अर्घ्य देकर अपना व्रत तोड़ती हैं. पति के हाथ से पानी पीकर करवा चौथ का व्रत खोला जाता है. यानि जब तक चंद्रमा नहीं निकलेगा और व्रती महिलाएं दर्शन नहीं कर लेंगी. तब तक वह अपना व्रत नहीं तोड़ पाएंगी. इसलिए करवा चौथ के दिन हर व्रती महिला को चांद दिखने का बेसब्री से इंतजार रहता है. वह चांद (Karwa Chauth Ka Chand Kab Dikhega) देखने के लिए व्याकुल होती हैं.
