जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस का अभेद्य घेरा, आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद, कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली में नीट परीक्षा में धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर डटे छात्रों और युवाओं के आंदोलन ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार सुबह से ही लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर के आसपास पुलिस ने सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लोहे के बैरिकेड्स को मजबूत जंजीरों से बांधने के साथ-साथ आपस में वेल्डिंग भी कर दिया है, ताकि सुरक्षा में कोई सेंध न लग सके।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जानकारी दी है कि जंतर-मंतर पर जारी उग्र प्रदर्शनों और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए शनिवार सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार पूरी तरह बंद रहेंगे। सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदी के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शुक्रवार देर रात CJP प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ करीब दो घंटे तक वार्ता चली। दो प्रमुख मांगों पर सहमति के संकेत मिले हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है। अब शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरे दौर की बैठक निर्धारित है। सूत्रों का कहना है कि यदि इस बैठक में बात नहीं बनी तो CJP एक बार फिर से ‘संसद मार्च’ का बड़ा एलान कर सकती है।
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। दिल्ली पुलिस के फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के डेटा के अनुसार, 20 जुलाई से 24 जुलाई के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के प्रदर्शन स्थलों पर करीब 400 ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान हुई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। इसके बाद पुलिस सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
शामिल हुईं। उन्होंने रोते हुए कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता और न्याय नहीं मिलता, वे लगातार सड़कों पर उतरेंगी।
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के निर्देश पर आज देश के सभी जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च और सत्याग्रह का आयोजन किया है।
