कुरुक्षेत्र NIT में फिर सुसाइड की कोशिश : एक और छात्रा हॉस्टल की 5वीं मंजिल से छलांग लगाने पहुंची, साथी छात्रों ने बचाया
हरियाणा का प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र इन दिनों विवादों के घेरे में है। अभी बीटेक छात्रा दीक्षा दूबे की आत्महत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार देर रात संस्थान में एक और आत्मघाती प्रयास की घटना ने सनसनी फैला दी। बीटेक प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने हॉस्टल की 5वीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया, जिसे मौके पर मौजूद अन्य छात्रों ने सूझबूझ दिखाते हुए बचा लिया।
इस खौफनाक कदम को उठाने से ठीक पहले छात्रा ने अपने सहपाठियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक विचलित करने वाला संदेश साझा किया था। छात्रा ने लिखा- मेरी जिंदगी का अब कोई उद्देश्य नहीं बचा है, इसलिए दोस्तों, मैं आत्महत्या करने जा रही हूं। इस मैसेज को देखते ही हॉस्टल में हड़कंप मच गया और छात्र उसे ढूंढने के लिए भागे। गनीमत रही कि जब वह कल्पना चावला हॉस्टल की 5वीं मंजिल की मुंडेर पर पहुंची, तभी कुछ छात्रों ने उसे पकड़ लिया और नीचे खींच लिया।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार आत्महत्या की कोशिश करने वाली छात्रा मूल रूप से महाराष्ट्र के भौसरे की रहने वाली है। वह कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम से बीटेक कर रही है और वर्तमान में भाग्यरथी गर्ल्स हॉस्टल के सी-ब्लॉक में रहती है। घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि साथी छात्र छात्रा को समझा रहे हैं और उसे खतरनाक कदम उठाने से रोक रहे हैं।
देर रात करीब 11:30 बजे हुई इस घटना की सूचना मिलते ही एनआईटी प्रशासन के साथ-साथ डीएसपी हेडक्वार्टर, एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक छात्रा की काउंसलिंग की और उसे शांत करवाया। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। संस्थान के पीआरओ प्रोफेसर ज्ञान भूषण ने बताया कि छात्रा का पहले से ही उपचार चल रहा है और हालिया तनावपूर्ण माहौल के कारण वह गहरे डिप्रेशन में आ गई थी।
कुरुक्षेत्र एनआईटी में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। छात्रा ने खुद इस घटना से पहले कहा था कि संस्थान में जो परिस्थितियां बन रही हैं, उनके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। गौर करने वाली बात है कि पिछले दो महीनों में संस्थान के पांच छात्र आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके हैं। दो दिन पहले ही बिहार की रहने वाली दीक्षा दूबे ने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दी थी, जिसके बाद छात्रों ने संस्थान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था।
