फर्जी दस्तावेज के जरिए बैंक से 40 लाख रुपये का लोन लेने वाले सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, तीन गिरफ्तार

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चंडीगढ़ 6 मई,

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सात लोगों के खिलाफ रुपये का कृषि ऋण लेने के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों में से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस मामले की आगे की जांच जारी है।

यह जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में नवदीप सिंह निवासी गांव कोहर सिंह वाला, तहसील गुरुहरसहाय जिला फिरोजपुर, विनोद कुमार और अमरजीत सिंह दोनों माल पटवारी, हल्का बहादुर के, तहसील गुरुहरसहाय जिला फिरोजपुर, जोगिंदर सिंह उर्फ बिट्टू, सहायक माल पटवारी, परमिंदर सिंह, ए.एस.एम. फर्द केंद्र गुरुहरसहाए, कुलविंदर सिंह रिलेशनशिप मैनेजर, एचडीएफसी बैंक शाखा गुरुहरसहाय के जमन दविंदर सिंह पुत्र गांव कोहर सिंह वाला जिला फिरोजपुर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में जोगिंदर सिंह उर्फ बिट्टू, अमरजीत सिंह माल पटवारी और दविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है.

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि उक्त मामला फिरोजपुर की शिकायत संख्या 89/19 की जांच के बाद दर्ज किया गया है. इस शिकायत की जांच से पता चला कि उक्त नवदीप सिंह, विनोद कुमार मल्ल पटवारी, जोगिंदर सिंह उर्फ बिट्टू और परमिंदर सिंह ए.एस.एम. उन्होंने आपस में मिलीभगत कर राजस्व विभाग के रिकार्ड में फर्जी प्रविष्टियां कर फर्जी जमाबंदी तैयार की, जिसके आधार पर वर्ष 2016 में नवदीप सिंह के नाम से एचडीएफसी खोली गई। बैंक कर्मचारियों से मिलीभगत कर 40 लाख रुपये की लोन लिमिट हासिल कर ली।

प्रवक्ता ने बताया कि बाद में इस घोटाले की जानकारी होने पर बैंक से प्राप्त धनराशि वर्ष 2019 में जमा करा दी गई। इसी तरह, नवदीप सिंह गांव कोहर सिंह वाला ने 2016 में केनरा बैंक फरीदकोट से लोन लेने के लिए बैंक में आवेदन किया था, लेकिन इस लोन के मौके पर एच.डी.एफ.सी. यह केस बैंक गुरुहरसहाए के पास पड़ी दिखाई गई जमीन के खसरा नंबरों के आधार पर लगाया गया था, लेकिन केनरा बैंक फरीदकोट द्वारा सुरिंदर कुमार को यह लोन मंजूर नहीं किया गया था।

इसके अलावा उक्त आरोपी जोगिंदर सिंह उर्फ बिट्टू ने अपने नाम पर 122 कनाल 13 मरला जमीन की फर्जी जमाबंदी तैयार करके एक्सिस बैंक जलालाबाद जिला फाजिल्का से 32 लाख रुपये की ऋण सीमा प्राप्त करने का मामला दायर किया था, लेकिन बैंक को पता चल गया था भौतिक सत्यापन के दौरान फर्जी जमा के बारे में बताया गया लेकिन यह लिमिट लोन पास नहीं हुआ। विनोद कुमार पटवारी के तबादले के बाद अमरजीत सिंह पटवारी ने उक्त चारों व्यक्तियों विनोद कुमार पटवारी, जोगिंदर सिंह प्राइवेट सहायक पटवारी, परमिंदर सिंह ए.एस.एम. उनके द्वारा तैयार किए गए फर्जी गिरवी पत्रों और दस्तावेजों के बारे में पता चलने के बाद भी उन्होंने किसी भी आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बजाय उन फर्जी गिरवी पत्रों की प्रविष्टियों की सत्यता के बारे में एक रिपोर्ट तैयार की और इसे हल्का कानूनगो और तहसीलदार गुरुहरसहाय से अनुमोदित करवाया। इसके अलावा कुलविंदर सिंह, रिलेशनशिप मैनेजर, एचडीएफसी। बैंक शाखा गुरुहरसहाए ने फर्जी जमाबंदी से जमीन का भौतिक सत्यापन कर कृषि ऋण सीमा हासिल करने में आरोपियों की मदद की। इसी तरह, गांव कोहर सिंह वाला के जमन (गारंटर) दविंदर सिंह ने नवदीप सिंह के बैंक दस्तावेजों पर झूठी गारंटी/गवाही दी।

प्रवक्ता ने बताया कि ऐसा करने से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए), 13(2) और आई.पी.सी. थाना फिरोजपुर रेंज के ब्यूरो ने धारा 409, 420, 465, 466, 467, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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