CJP और सरकार की बैठक में दो बड़ी मांगें मंजूर; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कल तक का समय
नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के विट्ठलभाई पटेल हाउस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच एक अहम बैठक हुई। स्थिति का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए यह दोनों पक्षों के बीच तीसरी आधिकारिक बैठक थी, जो एक तटस्थ स्थल पर आयोजित की गई।
इससे पहले CJP ने मंत्रियों के आवास या कार्यालय में बैठक के निमंत्रण को ठुकराते हुए साफ कर दिया था कि बातचीत किसी न्यूट्रल वेन्यू पर ही होगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व उसके राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास, आशुतोष रंका और एक अन्य युवा प्रतिनिधि ने किया। आपको बता दें कि इससे पहले 20 जुलाई को भी मंत्री के आवास पर जेपी नड्डा और सौरभ दास के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका के बीच दो बैक-टू-बैक बैठकें हो चुकी हैं।
यह महत्वपूर्ण बैठक ठीक उस समय के कुछ घंटे बाद हुई जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी मुख्य मांगों पर सरकार की ओर से ठोस आश्वासन मिलने के बाद गुरुवार देर रात अपना 26 दिनों से चल रहा आमरण अनशन समाप्त किया था। वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद सरकार और आंदोलनरत CJP के बीच हुई इस बातचीत ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
बैठक के तुरंत बाद मीडिया और एक्स (X) पर सामने आए बयानों में CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने पूरी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उनकी मुख्य मांग पर विचार करने के लिए कल शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। CJP को पूरी उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उन्हें इस पद से हटा देगी।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार ने नीट परीक्षा के दौरान आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर व कानूनी मुकदमे वापस लेने की दोनों मांगों पर अपनी इन-पर्ल (सैद्धांतिक) मंजूरी दे दी है।
भले ही सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया हो, लेकिन CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। इस्तीफे की मांग के अलावा CJP की प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर जवाबदेही तय करना, देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाना, नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का भारी मुआवजा देना और आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी कानूनी कार्रवाइयों व एफआईआर को पूरी तरह से वापस लेना शामिल है।
