चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में खत्म होगी अलग वोकेशनल स्ट्रीम, हर छात्र चुन सकेगा स्किल आधारित सब्जेक्ट
चंडीगढ़ : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए विषय चयन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. नए शैक्षणिक सत्र से अलग से चल रही वोकेशनल स्ट्रीम को समाप्त कर दिया गया है. अब आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के विद्यार्थी अपनी मुख्य पढ़ाई के साथ एक स्किल आधारित वोकेशनल विषय भी चुन सकेंगे.
अतिरिक्त वोकेशनल विषय लेना होगा : नई व्यवस्था के अनुसार 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी चुनी हुई संकाय के चार मुख्य विषयों के साथ एक अतिरिक्त वोकेशनल विषय लेना होगा. शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और कौशल आधारित प्रशिक्षण का भी लाभ मिलेगा. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को स्कूल के साथ-साथ अपने विषयों का चयन भी करना होगा. छात्र केवल उन्हीं विषयों का चयन कर सकेंगे जो संबंधित स्कूल में उपलब्ध होंगे. विषयों की सूची विभाग की वेबसाइट और प्रवेश पुस्तिका में उपलब्ध कराई गई है.
कुल सीटों की संख्या बढ़कर 13920 : वोकेशनल स्ट्रीम को समाप्त किए जाने के बाद उसकी 1,755 सीटों को अन्य संकायों में समायोजित किया गया है. इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 13,920 हो गई है. बढ़ती मांग को देखते हुए शिक्षा विभाग ने आर्ट्स संकाय में 25 नए सेक्शन भी शुरू किए हैं. वहीं मेडिकल और नॉन-मेडिकल वर्गों में प्रति सेक्शन विद्यार्थियों की संख्या 55 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है.
विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलेंगे : पिछले सत्र में सरकारी स्कूलों में साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स और वोकेशनल मिलाकर कुल 13,875 सीटें थीं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद सीटों का पुनर्गठन किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विषय चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे. शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप किया गया है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा से भी जोड़ना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें.
