दोनों अधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की कि वे छोटी दूरी तय करने के लिए निजी वाहनों के बजाय साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को कम करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है।
एमसी कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि चंडीगढ़ को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि साइकिल चलाना न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी है।
चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा ने कहा कि यदि लोग सप्ताह में कुछ दिन भी साइकिल का उपयोग करें तो इससे पेट्रोल-डीजल की खपत में बड़ी कमी लाई जा सकती है। साथ ही ट्रैफिक दबाव और वायु प्रदूषण भी कम होगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी में बुधवार को व्हीकल फ्री डे की शुरुआत की गई। इस अभियान के पहले दिन यूनिवर्सिटी कैंपस में गाड़ियों की संख्या आम दिनों के मुकाबले काफी कम दिखाई दी।
यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. रेनू विग सुबह करीब 7:30 बजे पैदल अपने कार्यालय पहुंचीं। वहीं रजिस्ट्रार वाई पी साइकिल से दफ्तर पहुंचे। इसके अलावा कई विभागों के प्रोफेसरों और कर्मचारियों ने भी साइकिल, टू व्हीलर और शटल बस का इस्तेमाल कर विभागों तक पहुंचना पसंद किया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इस पहल का उद्देश्य कैंपस में प्रदूषण कम करना, ट्रैफिक घटाना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। आम दिनों में पंजाब यूनिवर्सिटी का कैंपस गाड़ियों से भरा रहता है, लेकिन बुधवार को माहौल काफी शांत और साफ नजर आया।
वाइस चांसलर प्रो. रेनू विग ने कहा कि अब हर बुधवार को कैंपस में व्हीकल फ्री डे मनाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और पैदल चलने को अपनाएं, ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।