सावधान! 13 रुपये के झांसे ने लगाई 6 लाख की चपत, चंडीगढ़ में तीन लोग बने शिकार
साइबर अपराधियों ने फर्जी गैस अकाउंट अपडेट और ई-चालान भुगतान लिंक का सहारा लेकर शहर के तीन लोगों से करीब 6 लाख रुपये की ठगी कर ली।
तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक और एपीके (एपीके) फाइल डाउनलोड करने से बचने की अपील की है।
सेक्टर-44बी निवासी डॉ. प्रदीप कुमार भारद्वाज (69) ने पुलिस को बताया कि उन्हें खुद को अडानी गैस का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। कॉलर ने गैस अकाउंट अपडेट करने के नाम पर 13 रुपये की वेरिफिकेशन फीस जमा करने को कहा।
भरोसा कर उन्होंने अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेक्टर-34 शाखा से जुड़े दो डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान करने का प्रयास किया। इसके कुछ ही देर बाद दोनों खातों से 1,90,102 रुपये की अनधिकृत निकासी हो गई। इनमें एक खाते से 1,15,620 रुपये और दूसरे से 74,482 रुपये निकाल लिए गए।
इसके बाद 23 और 24 जुलाई की रात साइबर ठगों ने उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा पंजाब नेशनल बैंक के दो खातों, जिनमें उनकी पत्नी करमजीत कौर का खाता भी शामिल था, से कई अनधिकृत लेनदेन कर 2,07,447 रुपये उड़ा लिए।
भुगतान सफल नहीं हुआ, लेकिन संदेह होने पर उन्होंने अपने डेबिट कार्ड ब्लॉक कर दिए। इसके बावजूद उनके केनरा बैंक खाते से 1,87,530 रुपये की अनधिकृत निकासी हो गई।
पुलिस ने तीनों पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर साइबर ठगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की सलाह
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
- ई-चालान, गैस बिल या केवाईसी अपडेट के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में शिकायत करें।
