अंबाला में सिखों पर लाठीचार्ज से भड़के जत्थेदार, सरकार से बातचीत कर तनाव खत्म करने की अपील
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने अंबाला में शांतिपूर्ण धरना दे रही सिख संगत पर हरियाणा पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार जब सिख नेताओं के साथ बातचीत कर रही थी, उसी दौरान बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
जत्थेदार ने कहा कि इस कार्रवाई में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा सहित कई सदस्य और कर्मचारी, सिख संगत और पुलिस जवान घायल हुए हैं। उन्होंने झींडा से फोन पर बातचीत कर उनका और घायल सिखों का हाल जाना। झींडा ने भी बातचीत के दौरान पुलिस कार्रवाई को गलत बताया।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि यदि सरकार चाहती तो मामला बातचीत और सूझबूझ से आसानी से सुलझाया जा सकता था। जब दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी तो अचानक बल प्रयोग क्यों किया गया, इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि कहीं शांतिपूर्ण धरने को बदनाम करने के लिए किसी शरारती तत्व ने प्रदर्शन में घुसकर माहौल खराब करने की कोशिश तो नहीं की। उन्होंने इसकी भी जांच की मांग की।
जत्थेदार ने हरियाणा सरकार से गिरफ्तार किए गए युवाओं को तुरंत रिहा करने की मांग की। साथ ही उन्होंने गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में प्रकाश गुरुपर्व के दौरान संगत पर गाड़ी चढ़ाने के आरोपितों को गिरफ्तार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सरकार को सिख नेताओं के साथ बातचीत कर पूरे मामले का समाधान करना चाहिए, न कि टकराव की स्थिति पैदा करनी चाहिए। उन्होंने हरियाणा की सिख संगत से एकजुट और संगठित रहने की अपील करते हुए संघर्ष को शांतिपूर्ण और अनुशासन में रखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि धरने में किसी शरारती तत्व को शामिल न होने दिया जाए।
