परीक्षा हॉल में पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, जानिए किस विषय का दे रहे थे एग्जाम
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को एक अलग कारण से चर्चा में रहे. जहां दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, वहीं चन्नी चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की अंतिम परीक्षा देने पहुंचे. परीक्षा के कारण वह पार्टी की शीर्ष बैठक में शामिल नहीं हो सके. चन्नी इन दिनों लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं और उन्होंने बताया कि परीक्षा पूरी होने के बाद वह लोक नीति सुधारों पर एक और पीएचडी करने की योजना बना रहे हैं. उनका कहना है कि पंजाब के प्रशासनिक ढांचे में सुधार को लेकर वह लगातार अध्ययन कर रहे हैं.
दिल्ली में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक को पंजाब कांग्रेस के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था. हालांकि चरणजीत सिंह चन्नी इसमें शामिल नहीं हो सके. चन्नी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उनकी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की अंतिम परीक्षा है और इसी कारण वह दिल्ली नहीं जा पाएंगे. उनका एडमिट कार्ड भी सामने आया था, जिसमें परीक्षा की तिथि का उल्लेख था.
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परीक्षा को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था, “परीक्षा की तैयारी चल रही है. मेरी परीक्षा है. लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की अंतिम परीक्षा है. लोक नीति सुधारों पर एक और पीएचडी करने जा रहा हूँ.” उन्होंने यह भी बताया कि वह पहले ही पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर चुके हैं. चन्नी के अनुसार, “पंजाब सरकार के प्रशासन में नीतिगत सुधारों पर काम कर रहा हूँ, ताकि पंजाब को विकास के पथ पर वापस लाया जा सके.”
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पंजाब से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई गई. पार्टी अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है और संगठन को मजबूत करने पर फोकस कर रही है. बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुए. इसके अलावा प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति, संगठन की मजबूती और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति पर चर्चा की गई. कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और आगामी चुनाव के लिए मुद्दों और रणनीति को अंतिम रूप देने के प्रयास में जुटा है.
पंजाब कांग्रेस लंबे समय से आंतरिक गुटबाजी की चुनौतियों का सामना कर रही है. प्रदेश नेतृत्व, संगठनात्मक नियुक्तियों और चुनावी रणनीति को लेकर समय-समय पर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं. ऐसे में CWC की बैठक को पार्टी के भीतर बेहतर समन्वय स्थापित करने और विभिन्न नेताओं को एकजुट करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
