दुष्यंत चौटाला हिसार में करेंगे महापंचायत, कहा- ‘डीजीपी ने मेरा नंबर ब्लॉक किया, लेकिन सरकार का डर नहीं’
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंचार्ज के बीच हुए विवाद को लेकर पंचकूला में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने पार्टी मीटिंग में बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत 27 अप्रैल को हिसार में जेजेपी की ‘छात्र हित महापंचायत’ होगी. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस मामले पर उन्होंने डीजीपी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, जिस दौरान उन्होंने लगातार 3-4 दिन कॉल किए. बात नहीं होने पर उन्होंने मैसेज भी किया लेकिन कोई जवाब देने के बजाय उनका नंबर ब्लॉक कर दिया गया.
हिसार में हुआ था विवाद: गौरतलब है कि विवाद 17 अप्रैल को हिसार में उस समय हुआ था, जब दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला जीजेयू केस में गिरफ्तारी देने के लिए एसपी कार्यालय जा रहे थे. दुष्यंत ने आरोप लगाया कि रास्ते में सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने काफिला रोक कर हथियार तान दिया और उन्हें गाड़ी से कुचलने की कोशिश तक की गई. इससे आगे दुष्यंत ने कहा कि हिसार में महापंचायत आयोजित की जाएगी. इसमें छात्रों, युवाओं और आमजन को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व पुलिस के डराने से बिल्कुल नहीं डरेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे.
‘6 साथी बिना वारंट गिरफ्तार’: दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनके 6 साथियों को बिना किसी नोटिस और वारंट के रात में गिरफ्तार किया गया और उनके घरों से डीवीआर भी चोरी किए गए. उन्होंने कहा कि एसपी के गुंडे केवल शतरंज के प्यादे हैं, जिसकी पूरी साजिश कहीं ओर रची गई है. कहा कि मामले की जांच उसी डीएसपी को सौंपी गई है, जो रवि आहूजा को घर से गिरफ्तार करते समय मौजूद था.
‘नाबालिग को जातिसूचक शब्द कहे’: दुष्यंत चौटाला के आरोपों के अनुसार 17 अप्रैल को जब वो गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तब एक साथी व्यक्ति की नाबालिग बेटी के पांव पर पांव रखकर सीसीटीवी उतारा गया. घर से बाहर निकलते समय उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल तक किया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर एससी-एसटी आयोग में शिकायत की जाएगी और हिसार की एससी-एसटी न्यायिक बेंच में केस दायर किया जाएगा.
‘यूनिवर्सिटी बनी राजनीतिक पार्टी का अड्डा’: दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस तरीक से सीआईए स्टाफ चलता है और रील्स डालता है, तो उसके खिलाफ भी काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का अड्डा बनाया जा रहा था. उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल की महापंचायत में सभी लोग पार्टी से उठकर हिसार आएं, क्योंकि यह लड़ाई जजपा की नहीं, हर स्टूडेंट की है.
16 अप्रैल को क्या हुआ? गौरतलब है कि बीती 16 अप्रैल को जेजेपी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (जीजेयू) में अपने समर्थकों के साथ वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे. आरोप हैं कि प्रदर्शनकारियों ने वीसी ऑफिस का गेट तोड़ने की कोशिश की. इस मामले में हिसार पुलिस ने दिग्विजय चौटाला समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और 6 जजपा नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई.
17 अप्रैल को सीआईए इंचार्ज से विवाद: दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला मामले में गिरफ्तारी देने के लिए बीती 17 अप्रैल को हिसार एसपी कार्यालय जा रहे थे. इस दौरान दुष्यंत चौटाला के आरोपों के अनुसार ओल्ड सब्जी मंडी पुल के पास सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने उनका काफिला रूकवा कर हथियार ताना और कुचलने की कोशिश की. जबकि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के अनुसार काफिले की एक पायलट गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारने की कोशिश की, जिस पर उनके द्वारा पायलट गाड़ी के ड्राइवर को रोक कर समझाया गया था.
दोनों पक्षों की शिकायत पर एसआईटी: इस मामले में दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंचार्ज पवन कुमार द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ हिसार के अर्बन एस्टेट थाना में शिकायत दी गई है. इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने एसआईटी गठित की है. मामले की जांच का जिम्मा डीएसपी कमलजीत को दिया गया है.
