चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार के निर्देश पर शहर में एक साथ पांच नए कानून लागू कर दिए हैं। 6 मई से लागू इन कानूनों के बाद अब किरायेदारी व्यवस्था, फायर सेफ्टी, जमीन रिकॉर्ड, स्टांप ड्यूटी और इमिग्रेशन कारोबार से जुड़े नियम पूरी तरह बदल जाएंगे। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने इन कानूनों की जानकारी दी।
प्रशासन ने पंजाब इंडियन स्टांप (संशोधन) अधिनियम-2001 व 2003, पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021, पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 व संशोधन अधिनियम-2014, हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 और असम टेनेंसी एक्ट-2021 को चंडीगढ़ में लागू किया है। इनमें तीन कानून पंजाब से, एक हरियाणा से और रेंट कंट्रोल व्यवस्था के तहत असम टेनेंसी एक्ट लागू किया गया है।
चंडीगढ़ में अब असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू होगा। इसके साथ ही ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 समाप्त हो जाएगा। यूटी प्रशासन के अनुसार अब हर मकान मालिक और किरायेदार को प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह पोर्टल अगले एक महीने में शुरू किया जाएगा। तब तक लोग फिजिकल दस्तावेज जमा कर पंजीकरण करा सकेंगे। रेंट विवादों के निपटारे के लिए रेंट कंट्रोल अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल गठित किए जाएंगे। इन मामलों की सुनवाई जिला स्तर के जज करेंगे। प्रशासन का कहना है कि अब मकान मालिक मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे और किराया संबंधी विवादों का निपटारा 60 दिनों के भीतर किया जाएगा। अवैध कब्जों के मामलों में भी मकान मालिकों को राहत मिलेगी।
प्रशासन ने पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 और संशोधन अधिनियम-2014 भी लागू कर दिया है। इसके तहत बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के इमिग्रेशन ऑफिस या ट्रैवल एजेंट चलाने वालों को तीन से सात साल तक की सजा हो सकती है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी या ट्रैवल एजेंट की संपत्ति भी अटैच की जाएगी। सभी ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन कंपनियों को अपने स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन करानी होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा।
पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद अब प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त में अंडर वैल्यूएशन पर सख्ती होगी। यदि कोई व्यक्ति संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी भरता है तो उस पर संपत्ति मूल्य का तीन प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन के अनुसार इससे राजस्व चोरी पर रोक लगेगी और संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021 लागू होने के बाद अब गांवों की आबादी देह वाली जमीनों का रिकॉर्ड लोगों के नाम से तैयार किया जाएगा। अभी तक ये जमीनें केवल खसरा नंबरों के आधार पर दर्ज थीं। इसके लिए प्रशासन गांवों में पायलट आधार पर नक्शा प्रोजेक्ट चला रहा है। इसके तहत हर संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इससे भविष्य में जमीन संबंधी विवाद कम होंगे।
हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 लागू होने के बाद अब संस्थानों, उद्योगों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थाओं को मिलने वाला फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट पांच साल तक वैध रहेगा। प्रशासन ने कहा कि अब फायर सेफ्टी अप्रूवल टाइम-बाउंड तरीके से जारी किए जाएंगे। साथ ही आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थापना को भी मंजूरी दी जाएगी। इससे सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के साथ प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी।