500 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ होगा दिव्य गीता सत्संग का शुभारंभ, पूरा पंचकूला भक्तिमय वातावरण में सराबोर
500 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ होगा दिव्य गीता सत्संग का शुभारंभ, पूरा पंचकूला भक्तिमय वातावरण में सराबोर
पंचकूला, 6 अगस्त। श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार पंचकूला द्वारा परम पूज्य गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का शुभारंभ 7 अगस्त को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। संयोजक परविंदर ढींगरा एवं महासचिव धर्मपाल सिंगला ने संयुक्त रूप से दी।
उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को सायं 4 बजे श्री राम मंदिर, सेक्टर-2 से लगभग 500 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए इंद्रधनुष ऑडिटोरियम, सेक्टर-5 स्थित सत्संग स्थल तक पहुंचेगी। यात्रा में महिलाओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन एवं जयघोष के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का संदेश दिया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
उन्होंने बताया कि परम पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज स्वयं कलश यात्रा एवं सत्संग कार्यक्रम में उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं को अपने दिव्य प्रवचनों से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उनके श्रीमुख से श्रीमद्भगवद्गीता के जीवनोपयोगी संदेश सुनने के लिए पंचकूला सहित ट्राईसिटी और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
संरक्षक एवं मेयर श्याम लाल बंसल ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे शहर को स्वागत द्वारों, धार्मिक ध्वजों और सजावट से सजाया जा रहा है। विशेष रूप से गीता चौक को आकर्षक रोशनी एवं विद्युत सज्जा से भव्य रूप दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं का स्वागत भक्ति और उत्साह के वातावरण में किया जा सके।
परविंदर ढींगरा एवं धर्मपाल सिंगला ने बताया कि 7 से 9 अगस्त तक प्रतिदिन सायं 5 बजे से 8 बजे तक इंद्रधनुष ऑडिटोरियम, सेक्टर-5 में दिव्य गीता सत्संग का आयोजन होगा। सत्संग के उपरांत प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए राधा रसोई प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है। आयोजन को सफल बनाने के लिए सैकड़ों स्वयंसेवक विभिन्न व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
उन्होंने पंचकूला, चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर तथा आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार सहित इस भव्य आध्यात्मिक आयोजन में पहुंचकर स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के दिव्य सान्निध्य का लाभ प्राप्त करें और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को अपने जीवन में अपनाकर जीवन को तनाव, चिंता और निराशा से मुक्त बनाएं।
