5100 रुपये भेज वीडियो कॉल पर देखा अंतिम संस्कार, पिता ने 3 बेटियों को काबिल बनाया, अंतिम विदाई में एक भी नहीं आई
हरियाणा के सोनीपत से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता का निधन हो गया। उनकी तीनों बेटियां अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचीं। ऐसे में वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने ही उनका अंतिम संस्कार किया। बता दें कि महाराष्ट्र निवासी शिवचरण रतन गुप्ता कभी बड़े कपड़ा व्यापारी थे। करीब डेढ़ साल पहले वे अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में रहने आए थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। उनका कोई बेटा नहीं था और उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर आत्मनिर्भर बनाया। इनमें से दो बेटियां अध्यापिका हैं।
वृद्धाश्रम के संचालक आनंद कुमार ने बताया कि शिवचरण गुप्ता पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। करीब 20 दिन पहले उनकी बेटियों अनिता, निशा और प्रिया को उनके स्वास्थ्य की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद कोई भी उनसे मिलने नहीं पहुंचा। संचालक के अनुसार, शिवचरण गुप्ता अपनी बेटियों से बात करने के लिए हमेशा एक मोबाइल फोन अपने पास रखते थे, लेकिन बीमारी बढ़ने के बाद बेटियों के फोन भी आने बंद हो गए। आनंद कुमार ने बताया कि बुजुर्ग की मृत्यु के बाद भी तीनों बेटियों को सूचना दी गई। उनसे कहा गया कि यदि वे आ रही हैं तो अंतिम संस्कार कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने समय नहीं होने की बात कहकर आने से इनकार कर दिया।
बताया गया कि बड़ी बेटी अनिता नेपाल में अध्यापिका है, दूसरी बेटी निशा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रहती है, जबकि सबसे छोटी बेटी प्रिया मुंबई में रहती है। तीनों बेटियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के बजाय वीडियो कॉल के जरिए अपने पिता की अंतिम यात्रा देखी। बड़ी बेटी ने ऑनलाइन 5,100 रुपये भेजकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने को कहा। वृद्धाश्रम के संचालक के मुताबिक, शुरुआत में बेटियों ने अस्थियां सुरक्षित रखने की बात कही थी, लेकिन बाद में यह कह दिया कि उनके पास समय नहीं है और वृद्धाश्रम ही गंगा में अस्थियां प्रवाहित कर दे। इतना ही नहीं, उन्होंने अंतिम संस्कार की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी भेजने का अनुरोध किया।
