सतलुज दरिया के रास्ते फिरोजपुर से पाकिस्तान भेजे जा रहे दो युवक बीच धारा में डूब गए। दोनों युवक कथित तौर पर हेरोइन तस्करी के लिए रात के अंधेरे में सीमा पार करने निकले थे लेकिन गहरे पानी में फंसकर उनकी मौत हो गई। दो दिन बाद उनके शव दरिया किनारे लगी फेंसिंग के पास बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार सीमावर्ती गांव हबीब वाला निवासी गंगा सिंह ने गांव के ही मुख्तियार सिंह (20) और मनप्रीत सिंह (35) को पाकिस्तान भेजने का झांसा दिया था। बताया जा रहा है कि दोनों युवक नशे के आदी थे और आरोपी के कहने पर इस खतरनाक रास्ते के लिए तैयार हो गए।
जांच में सामने आया कि जिस स्थान से दोनों को दरिया में उतारा गया वहां पानी काफी गहरा था। बीच धारा में पहुंचते ही दोनों डूब गए। पुलिस ने आरोपी गंगा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल फरार है।
मुख्तियार सिंह और मनप्रीत सिंह के शव जहां से मिले हैं वहां से पाकिस्तान की सीमा बेहद नजदीक है। इसी इलाके से सतलुज दरिया पाकिस्तान की तरफ से भारत में प्रवेश करता है। यहां टापू कालू वाला भी पड़ता है जो तीन तरफ से दरिया से घिरा है जबकि समतल रास्ता पाकिस्तान से जुड़ा है।
जानकारों के अनुसार हरिके हेड से फाजिल्का तक सतलुज दरिया कई स्थानों पर पाकिस्तान में प्रवेश कर फिर भारत में लौटता है। यही वजह है कि तस्कर इन रास्तों को सबसे सुरक्षित लेकिन बेहद जोखिम भरा मानते हैं। बंडाला, टेंडी वाला, हुसैनीवाला हेड, राजाराय, गजनी वाला, पीरके, नौ बहराम शेर सिंह वाला, जोधा भैणी, रेत वाली भैणी, नूर शाह और महार सोना जैसे इलाकों से होकर दरिया पाकिस्तान के सुलेमान क्षेत्र में पहुंचता है।