चंडीगढ़ में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना संचालन निदेशक डॉ. नवजोत खोसा (IAS) और डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी, जो देश में पहली बार लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत में जनगणना की शुरुआत 1872 में हुई थी और यह ‘जनगणना अधिनियम 1948’ व ‘जनगणना नियम 1990’ के तहत कराई जाती है, जबकि 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण टाल दी गई थी।
इस बार प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें घरों, इमारतों और परिवारों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जिसे फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। खास बात यह है कि डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल होगा और लोगों को ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ के जरिए 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक वेब पोर्टल पर खुद जानकारी भरने की सुविधा भी दी गई है, जहां 16 भाषाओं में 33 सवाल पूछे जाएंगे और बाद में कर्मचारियों द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
प्रशासन ने इसके लिए 2045 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए हैं और पहले चरण में 2250 गणनाकार व 375 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। लोगों की सहायता के लिए 1855 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।