हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़े हालात, कई शहरों में ब्लैकआउट तो गांवों में छाया अंधेरा
हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की तीन दिवसीय हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला. हड़ताल के पहले ही दिन शहर का करीब आधा हिस्सा बिजली ब्रेकडाउन की चपेट में आ गया. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सांजरवास और घसोला पावर हाउस बंद रहने तथा 11 केवी लाइनों में फॉल्ट आने से दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही. बिजली गुल होने से शहर और गांवों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा.
हड़ताल के चलते बिजली कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा. फील्ड में कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के कारण बिजली लाइनों में आई तकनीकी खराबियों को ठीक करने और आपूर्ति बहाल करने में दिक्कतें आईं. शहर के कई इलाकों में दोपहर तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर बनी रही. कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के समाधान पर भी असर पड़ा.
समझौते पर अमल नहीं करने का लगाया आरोप: बिजली कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम उठा रही है. इसी के विरोध में प्रदेशभर में तीन दिवसीय हड़ताल की जा रही है. संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार सरकार ने करीब दो माह पहले 10 अगस्त को हुए समझौते में कर्मचारियों को कुछ आश्वासन दिए थे, लेकिन बाद में इन पर अमल नहीं किया गया. कर्मचारियों का आरोप है कि इसी वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा.
