स्मृति ईरानी का पहला हरियाणा दौरा, पंचकूला में BJP संगठन की दो दिवसीय समीक्षा; डॉ. अर्चना गुप्ता ने किया स्वागत
हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत संगठन की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी तथा सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह 22 और 23 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर हरियाणा पहुंचे हैं। पंचकूला स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय ‘पंचकमल’ में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने स्मृति ईरानी का स्वागत किया। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला औपचारिक हरियाणा दौरा है। इस दौरान उनका कार्यक्रम संगठन के पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करने पर केंद्रित रहेगा। पार्टी इन बैठकों के जरिए संगठन की मौजूदा स्थिति, बूथ स्तर पर कामकाज और सरकार तथा संगठन के बीच तालमेल की समीक्षा करेगी।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने 90 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी। वहीं, पार्टी को 42 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। दौरे के दौरान इन सीटों पर संगठन की स्थिति, स्थानीय नेतृत्व की भूमिका और चुनावी स्तर पर सामने आई चुनौतियों को लेकर फीडबैक लेने की योजना है। इन क्षेत्रों में पार्टी की जमीनी गतिविधियों और बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। स्थानीय नेताओं और पुराने पदाधिकारियों के अनुभवों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करने पर भी जोर रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के मुताबिक, दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार करना और बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए आगे की दिशा तय करना है।
बैठकों में 2009, 2014 और 2019 के विधानसभा चुनावों से जुड़े पूर्व विधायकों के साथ-साथ तीन कार्यकाल तक प्रदेश पदाधिकारी रहे नेताओं से भी फीडबैक लिया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड और निगमों के मौजूदा तथा पूर्व अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से चर्चा की जाएगी। पार्टी पुराने अनुभवों के आधार पर संगठन की चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विचार करेगी।
बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विधायकों को दिए गए तीन प्रमुख निर्देशों को भी चर्चा का आधार बनाया जाएगा। इनमें संगठन की स्थिति, सरकार के कामकाज और जनप्रतिनिधियों की समाज कल्याण से जुड़ी भूमिका शामिल है। इन विषयों पर नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर सरकार और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
दौरे के पहले दिन 22 अक्टूबर को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठकें निर्धारित हैं। इसके साथ ही पूर्व विधायकों, पुराने प्रदेश पदाधिकारियों और बोर्ड-निगमों के मौजूदा तथा पूर्व अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के साथ भी संवाद किया जाएगा। दूसरे दिन 23 अक्टूबर को सुबह भाजपा कोर कमेटी की बैठक होगी। दोपहर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, कृष्णपाल गुर्जर और राव इंद्रजीत सिंह के साथ राज्य सरकार के मंत्रियों की मौजूदगी में चर्चा प्रस्तावित है। शाम को मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की साझा बैठक होगी।
दौरे के अंतिम चरण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विचार परिवार के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक भी निर्धारित है। दो दिवसीय दौरे में होने वाली इन बैठकों के जरिए भाजपा हरियाणा में संगठनात्मक गतिविधियों, सरकार के कामकाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका की समीक्षा करेगी। खास तौर पर जिन 42 विधानसभा सीटों पर पार्टी को 2024 के चुनाव में जीत नहीं मिली, वहां की स्थिति और आगे की संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा इस दौरे का प्रमुख हिस्सा रहेगी।
