मानसून फिर हुआ सक्रिय: हिमाचल से आया पानी, पंचकूला के मोरनी हिल्स में लैंडस्लाइड से रास्ता ब्लॉक, टूरिस्ट फंसे, 17 तक यलो अलर्ट
हरियाणा में मानसूनी हवाओं की वापसी के साथ ही मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। रविवार को प्रदेश के कम से कम 7 जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर पंचकूला के मैदानी और पहाड़ी इलाकों पर देखने को मिल रहा है।
पंचकूला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मोरनी हिल्स पर अचानक हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण टिक्कर ताल मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे वहां घूमने आए कई पर्यटक रास्ते में ही फंस गए हैं।
हिमाचल की पहाड़ियों से आए पानी के प्रचंड बहाव ने पंचकूला में भारी तबाही मचाई है। पंचकूला की गोबिन्दपुर नदी में अचानक आए उफान की चपेट में आकर लगभग 10 मवेशी पानी के तेज बहाव में बह गए। इसके अलावा, रुड़की गांव में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, जहां दर्जनों घरों के अंदर 3-3 फीट तक पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई इलाकों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी कर दिया है।
रविवार की सुबह पानीपत, भिवानी, कुरुक्षेत्र, हांसी, अंबाला और करनाल जिलों में तेज बारिश के साथ हुई। मौसम विशेषज्ञों का आकलन है कि प्रदेश में आगामी 17 सितंबर तक लगातार 6 दिनों तक हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 18 सितंबर के बाद ही बारिश के थमने या कम होने की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, भिवानी और चरखी दादरी के विभिन्न हिस्सों में भी बादलों की गर्जना के साथ बारिश की पूरी संभावना है।
करनाल और पानीपत जिलों में रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जहां एक तरफ आम जनता को भीषण उमस और गर्मी से राहत पहुंचाई, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
खेतों में पककर पूरी तरह तैयार खड़ी धान की फसल जलभराव और तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई। कई क्षेत्रों में किसान फसलों की कटाई शुरू कर चुके थे, ऐसे में इस अवांछित बारिश से पैदावार के साथ-साथ धान की गुणवत्ता खराब होने का बड़ा जोखिम पैदा हो गया है।
19 सितंबर तक के मौसम का हाल
• 13-14 सितंबर: प्रदेश के कुछ स्थानों पर गर्जना और चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जाएगी।
• 15-17 सितंबर: मानसूनी टर्फ रेखा के हरियाणा के समीप आने से मानसून अधिक सक्रिय होगा और अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश होगी।
• 18 सितंबर: वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी और यह केवल कुछ सीमित इलाकों तक सिमट कर रह जाएगी।
• 19 सितंबर: आसमान पूरी तरह साफ होने की संभावना है, साथ ही सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट से गुलाबी ठंड की आहट महसूस होगी।
रोहतक रहा सबसे गर्म
वर्तमान में नमी वाली हवाओं का प्रवेश जारी रहने से राज्य में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। बीते 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को हरियाणा के औसतन अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
रोहतक 36.9 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि यमुनानगर में सबसे कम 31.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, फरीदाबाद में 2 मिमी, रोहतक में 2.5 मिमी, सोनीपत में 3 मिमी, हथनीकुंड बैराज पर 1 मिमी, रेवाड़ी में 0.5 मिमी और नूंह में 0.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि 15 सितंबर की रात से सक्रिय हो रहे मानसून से तापमान में और गिरावट आएगी।
