हरियाणा में सफाईकर्मियों की हड़ताल पर लगा ब्रेक: 36 दिनों से जारी थी, इन मांगों पर बनी सहमति
हरियाणा में पिछले 36 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गई है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राज्य सरकार और सफाई कर्मचारी यूनियनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। इस बैठक के बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच 16 प्रमुख मांगों पर पूर्ण सहमति बन गई, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया।
सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ यह महत्वपूर्ण बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इस बैठक में राज्य के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और कृष्ण बेदी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। काफी देर तक चली इस बैठक के बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार के सकारात्मक रुख पर संतोष व्यक्त करते हुए आंदोलन समाप्त करने का आधिकारिक संकेत दिया। सहमति बनने के बाद अब प्रदेश भर में सफाई व्यवस्था जल्द पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
सरकार के साथ हुई इस निर्णायक वार्ता में सफाईकर्मियों की लंबे समय से लंबित 16 प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राज्य सरकार अब नगर निकायों और संबंधित विभागों में खाली पड़े सफाई कर्मचारियों के पदों पर जल्द ही नई भर्तियां शुरू करेगी। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन, सुरक्षा उपकरणों और सेवा शर्तों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सकारात्मक फैसले लिए गए हैं।
गौरतलब है कि अपनी विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी बीते 6 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। 36 दिनों तक चली इस हड़ताल के कारण प्रदेश के कई शहरों में कूड़े के ढेर लग गए थे और स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। इस दौरान कई जिलों में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें भी देखने को मिलीं। हिसार में प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित महिला कर्मचारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर कचरा फेंकने की घटना भी सामने आई थी।
लंबे समय तक चले इस आंदोलन के दौरान सरकार की तरफ से कड़ा रुख भी अपनाया गया था। हड़ताल में शामिल होने और काम ठप करने के चलते अब तक कुल 73 कच्चे या अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था, जबकि 10 नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। अब समझौता होने के बाद इन सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों और बहाली की प्रक्रियाओं पर भी सकारात्मक फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।
