चंडीगढ़ सेक्टर-22 में बंदरों का आतंक, महिला को काटकर किया घायल; बच्चों का घर से निकलना मुश्किल
चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में इन दिनों बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में बंदरों के झुंड लगातार घूम रहे हैं और अब तक चार लोगों को काट चुके हैं। बंदरों के हमलों के कारण खासकर बच्चों को घर से बाहर भेजने में लोग डर रहे हैं। लोगों ने नगर निगम से जल्द कार्रवाई कर बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
दो दिन पहले 8 सितंबर को सेक्टर-22 बी में रहने वाली सिमरनजोत कौर पर बंदरों ने हमला कर दिया। बंदर के काटने से उनके पैर पर तीन जगह घाव हो गए। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए इंजेक्शन लगवाने पड़े।
सिमरनजोत कौर ने बताया कि वह सेक्टर-22 बी में टॉप फ्लोर पर रहती हैं। उनका चार साल का बच्चा बालकनी में खेल रहा था। इसी दौरान बंदरों का झुंड वहां पहुंच गया। बच्चे को बचाने के लिए जैसे ही वह बालकनी में गईं, बंदरों ने उन पर हमला कर दिया।
उन्होंने बताया कि बंदरों ने उनके पैर पर तीन जगह काटा। हमले के बाद उन्हें उपचार करवाना पड़ा और इंजेक्शन भी लगाए गए। उनका कहना है कि बंदरों के झुंड के कारण घर से बाहर निकलना भी डरावना हो गया है।
इलाके की एक अन्य महिला ने बंदरों के आतंक का अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक दिन वह घर में अकेली थीं। इसी दौरान बंदरों का झुंड उनके घर के अंदर घुस आया। बंदरों को अपने ऊपर हमला करने से रोकने के लिए उन्होंने फ्रिज खोल दिया।
महिला के मुताबिक, फ्रिज में रखे फल देखकर बंदर उन पर टूट पड़े और इसी दौरान उन्हें खुद को सुरक्षित रखने का मौका मिल गया। इस घटना के बाद से वह बंदरों को लेकर बेहद डरी हुई हैं।
स्थानीय लोग बंदरों को घरों और छतों से दूर रखने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। कई लोगों ने अपनी छतों पर लंगूर की तस्वीरें लगा रखी हैं, ताकि बंदर उन्हें देखकर वहां से भाग जाएं। हालांकि, लोगों का कहना है कि इन उपायों से स्थायी समाधान नहीं मिल रहा है और बंदरों के झुंड फिर इलाके में पहुंच जाते हैं।
सेक्टर-22 के लोगों का कहना है कि बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बालकनी और छतों पर भी बच्चों को अकेला छोड़ने में अभिभावक डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बंदरों के झुंड कभी भी घरों की बालकनी में घुस जाते हैं और खाने की तलाश में घरों तक पहुंच जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने चंडीगढ़ नगर निगम से मांग की है कि बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और सेक्टर-22 में बढ़ती समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय नगर निगम को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।
