दहेज उत्पीड़न मामले में बड़ी कार्रवाई: पंचकूला महिला थाना की SHO राजेश कुमारी और महिला ASI निलंबित
पंचकूला, 20 जुलाई। हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पंचकूला में दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में कथित लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाते हुए महिला थाना की एसएचओ राजेश कुमारी और मामले की जांच कर रही एक महिला एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। यह कार्रवाई सेक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विश्राम गृह में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान की गई।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंत्री कृष्ण लाल पंवार के समक्ष दहेज उत्पीड़न से संबंधित एक शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि महिला थाना पुलिस ने मामले में समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे पीड़िता को न्याय मिलने में देरी हुई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
प्रारंभिक जानकारी और अधिकारियों की रिपोर्ट सुनने के बाद मंत्री ने महिला थाना की एसएचओ राजेश कुमारी तथा मामले की जांच से जुड़ी महिला एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही या उदासीनता को सरकार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति में आने वाली जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक ने महिला एसएचओ ने मंत्री को केस बारे घुमाफिरा कर बात की थी, जिस पर मंत्री नाराज हो गए थे, ओर एसएचओ को कहा थी कि में 40 साल से राजनीति कर रहा हु, मुझे सब नॉलिज है। गुमराह करने की जरूरत नही है।
गौरतलब है कि निलंबित एसएचओ राजेश कुमारी इससे पहले भी वर्ष 2018 में चर्चित मोरनी रेप कांड के दौरान महिला थाना में तैनात थीं। उस समय भी विवाद के बाद उनका तबादला कर दिया गया था। कई वर्षों बाद उन्हें दोबारा पंचकूला महिला थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब दहेज उत्पीड़न मामले में कथित लापरवाही के चलते एक बार फिर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी चर्चा का माहौल है। माना जा रहा है कि सरकार ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
