कोलकाता: गोदाम ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या 16 हुई, मृतकों की सूची जारी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम के ढहने की घटना में मृतकों की संख्या 16 हो गई है. अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी.
25 जून को ब्रेस ब्रिज के पास निर्माणाधीन बहुमंजिला गोदाम शेड अचानक ढह गया था और कई मजदूर उसके नीचे दब गए थे. घटना के तुरंत बाद आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया.
कोलकाता पुलिस के अनुसार, इस घटना में कुल 33 लोग प्रभावित हुए. इनमें से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य को चोटों के कारण अस्पतालों में भर्ती कराया गया. अधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि घायल चार लोगों को इलाज के बाद 26 जून को छुट्टी दे दी गई.
मृतकों की सूची
- राहुल चौधरी (17)
- कृष्णा चौधरी (49)
- चंद्रमा चौधरी (60)
- रोहित चौधरी (20)
- पप्पू कुमार रजक (40)
- घी कुमार (19)
- असगर हुसैन (54)
- साहिल सरदार (15)
- हुसन ईमान (44)
- गणेश कालिंदी (45)
- नवीन सिंह (44)
- मन्नू कुमार (19)
- खालिक सरदार (40)
- स्वपन मंडल
- अज्ञात पुरुष (उम्र लगभग 40 वर्ष)
- अज्ञात पुरुष (उम्र लगभग 45 वर्ष)
अधिकारियों ने बताया कि घायलों में दुरबासा मोल्लाह (56), मानिकचंद कुमार (22), सोहिद कुमार (26), विश्व प्रकाश (28), राजेश रुईदास (27), बोदन मुंडा (31, महिला), राजेंद्र राम (55), राम प्रसाद चौधरी (22), मोहम्मद आबिद खान (45), सूरज चौधरी (34), जौहर अली गायेन (25), देबाशीष दास (43), मोहम्मद सोनू (35), संदीप पांडे (31), मुस्तकीम गायेन (24), राजकुमार रजक (40) और कार्तिक पात्रा (36) शामिल हैं.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि तारातला घटना पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है. छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर की निगरानी में लालबाजार क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है.
मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि कोलकाता नगर निगम (KMC) इस प्रोजेक्ट के लिए जिम्मेदार आर्किटेक्ट/प्लानर को ब्लैकलिस्ट करेगा और चेतावनी दी कि इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के बारे में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए, कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI) बंगाल के प्रेसिडेंट सुशील मोहता ने जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा, “इस हादसे और लोगों की मौत से हर कोई बहुत दुखी है. जहां तक CREDAI के सदस्यों की बात है, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि वे आचार संहिता, राष्ट्रीय कानूनों, नियमों और बिल्डिंग इंडस्ट्री के मानकों का सख्ती से पालन करते हैं. किसी भी इमारत के लिए मिट्टी की जांच की जाती है, और जियोटेक्निकल इंजीनियरों की सलाह के आधार पर ही भार सहने की क्षमता और स्ट्रक्चरल प्लान तय किया जाता है.”
