पंचकूला क्लब फायरिंग से अंतर्राष्ट्रीय नार्को-टेरर सिंडिकेट का भंडाफोड़: ATS ने दबोचे 7 तस्कर, पाकिस्तान, पंजाब और अमेरिका से जुड़े तार

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हरियाणा के पंचकूला स्थित सेक्टर-11 के ‘अलिफ-लैला’ नाइट क्लब में हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की जांच में एटीएस (ATS) को एक बेहद सनसनीखेज सफलता हाथ लगी है। क्लब में हिंसा फैलाने से शुरू हुई इस जांच का दायरा अब अंतर्राष्ट्रीय नार्को-टेरर और अवैध फंडिंग नेटवर्क तक फैल गया है।

एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने इस सिलसिले में कुल 7 खतरनाक गुर्गों को दबोच लिया है। पकड़े गए बदमाशों में वे तीन आरोपी भी शामिल हैं जिनकी अंधाधुंध फायरिंग के दौरान अंजलि नाम की एक लेडी ब्लॉगर को गोली लग गई थी।

मामले की जानकारी देते हुए एटीएस के एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी अमेरिका में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहे थे। यह गिरोह पाकिस्तान सीमा से भारतीय क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से गिराए जाने वाले नशीले पदार्थों और घातक हथियारों की खेप को ठिकाने लगाने का काम करता था।

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स्थानीय स्तर पर इन सामग्रियों और अवैध धनराशि को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए स्थानीय कैरियर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने इनके पास से दो लग्जरी गाड़ियां (XUV और स्कॉर्पियो), अमेरिका में बनी एक पिस्टल, 30 बोर पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस, 3 कैश काउंटिंग मशीनें, 5 स्मार्टफोन और 529 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) जब्त की है।

इस पूरे मामले का खुलासा 13 सितंबर की अलसुबह अलिफ-लैला नाइट क्लब में हुई हिंसक घटना से हुआ। क्लब में वीडियो शूटिंग करने आई चंडीगढ़ निवासी ब्लॉगर अंजलि अपनी सहेलियों के साथ मौजूद थी। इसी बीच डांस फ्लोर पर नशे में धुत तीन पंजाबी युवकों के बीच आपस में कहासुनी हो गई।

विवाद इतना बढ़ा कि मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ काकू निवासी फिरोजपुर ने बाहर खड़ी गाड़ी से यूएस मेड पिस्टल निकालकर क्लब के मुख्य द्वार पर दनादन दो राउंड फायर झोंक दिए। दीवार से टकराकर गोली सीधे अंजलि की पीठ पर जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने तीन आरोपियों लखबीर सिंह, गुरप्रीत और करनजीत को मौके पर ही दबोचकर धुनाई कर दी थी, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में लिया।

मुख्य आरोपी गुरप्रीत से यूएस मेड पिस्टल मिलने के बाद पुलिस को टेरर एंगल का अंदेशा हुआ, क्योंकि पकड़े गए शुरुआती तीनों आरोपी पाकिस्तान सीमा से सटे फिरोजपुर (पंजाब) के रहने वाले थे। इसके बाद जांच एटीएस को सौंपी गई। एटीएस ने तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए पंजाब के खरड़, एसएएस नगर (मोहाली) और लुधियाना में ताबड़तोड़ छापेमारी की। तलाशी के दौरान आरोपियों के गुप्त ठिकानों से एक बाइक में छिपाकर रखी गई आधा किलो से अधिक हेरोइन, एक और पिस्टल तथा नोट गिनने की तीन मशीनें बरामद हुईं।

एसपी वरुण सिंगला के अनुसार, यह गिरोह ट्राईसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) के पबों, क्लबों और नशे के कारोबार से इकट्ठा होने वाले अवैध पैसे को एकत्र करने का काम करता था। इस ‘ड्रग्स मनी’ को फिर हवाला कारोबारियों के जरिए अमेरिका में बैठे नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं तक ट्रांसफर किया जाता था।

बदले में विदेश में बैठे आका इन कैरियर्स को रुकने के ठिकाने, नई गाड़ियां और मोटा पैसा मुहैया कराते थे। फिलहाल पुलिस और एटीएस की टीमें हरियाणा तथा पंजाब के अन्य क्लबों व पबों के साथ इस गिरोह के कनेक्शन खंगालने में जुटी हुई हैं।

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