हिमाचल: तहस-नहस हुआ लेंटर, चंबा में आधी रात घर के ऊपर गिरा 10 टन वजनी पत्थर
हिमाचल प्रदेश के चंबा में लोग भारी बारिश की तबाही से अभी उभर नहीं पाए थे कि अब लैंडस्लाइडिंग का कहर शुरू हो गया है। मंगलवार देर रात करीब 12 से साढ़े 12 बजे के बीच चंबा के गांव सरोल की अपर घोलटी में बहुत बड़ा लैंड स्लाइड हुआ, जिसमें करीब सौ क्विंटल से भी ज्यादा वजनी विशाल पत्थर परविंदर कुमार के घर के ऊपर आ गिरा। इस कारण पक्के मकान का लेंटर चकनाचूर हो गया।
पत्थर इतना बड़ा था कि उसकी चपेट में आने वाले बड़े पेड़, खेत खलियान सबको तहस-नहस करता हुआ और छत को तोड़ता आगे निकल गया। गनीमत रही कि घर के भीतर दो अगले कमरे में यह भीमकाय पत्थर नहीं गिरा, अन्यथा कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। पत्थर गिरने के कारण घर के भीतर रखी अन्य सामग्री सब तहस-नहस हो गई।
जिला परिषद उपाध्यक्ष लियाकत अली को जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला, वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने हल्का पटवारी से सभी दस्तावेज बनवाते हुए चंबा सदर के विधायक नीरज नय्यर को कहकर पीड़ित परिवार को तुरंत 25 हजार रुपयों की राहत राशि प्रदान करवाई। उन्होंने कहा कि हालांकि प्रदेश सरकार इस तरह के मामले में 7 लाख तक का मुवावजा देती है और उसके लिए सारे दस्तावेज बनवाने को हल्का पटवारी को कह दिया गया है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत राशी देने के साथ डीसी चंबा से राहत कीट जिस्में राशन पानी के अलावा कपड़े, सब कुछ होता है, जल्द ही पीड़ित परिवार को प्रदान कर दी जाएगी।
भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। इससे 25 से ज़्यादा घरों और एक दुकान को नुकसान पहुंचा तथा एक दर्जन से ज़्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मंगलवार सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण जिले में नाले और नदियां उफान पर हैं, जिससे आस-पास के घरों में भारी मात्रा में मलबा भर गया है। सुल्तानपुर नाला विकराल रूप ले चुका है, जिससे चंबा के सुल्तानपुर मोहल्ले में 25 से ज्यादा रिहायशी मकानों और एक दुकान को नुकसान पहुंचा है। खबर है कि चंबा में उदयपुर-गोल्थी-नवोदय रोड पर भरियाड के पास भूस्खलन के बाद कार, ट्रक और दोपहिया वाहनों समेत कम से कम एक दर्जन वाहन मलबे के नीचे दब गए।
