हरियाणा में Heatwave का प्रकोप: IMD का ‘ऑरेंज अलर्ट’, रोहतक में तापमान 46.9°C पार; किसानों और आम लोगों के लिए चेतावनी
हरियाणा में इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने दस्तक दे दी है। राज्य के कई शहरों में भीषण लू का प्रकोप जारी है, जिसके चलते हालात बदतर हो गए हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य में पहली बार भीषण लू का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इस जानलेवा गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
पिछले 24 घंटों में राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सामान्य से 4.4 डिग्री ज्यादा है। रोहतक राज्य में सबसे गर्म रहा, जहां पारा सामान्य से 6.2 डिग्री ऊपर चढ़कर 46.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। प्रमुख शहर: अंबाला में 44.4°C और करनाल में 44.6°C तापमान दर्ज किया गया। राज्य के कम से कम 7 प्रमुख शहरों में तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक रहा, जिसमें रोहतक और सिरसा की स्थिति सबसे बेहाल करने वाली रही।
अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी गर्म होने लगी हैं। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। भिवानी में रात का न्यूनतम तापमान सबसे ज्यादा 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।अंबाला में रात का तापमान सामान्य से 5.4 डिग्री अधिक यानी 29.8°C रहा। यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज पर राज्य में सबसे कम 25.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा में अगले 5 से 6 दिनों तक मौसम पूरी तरह से शुष्क रहेगा। 19 मई से 25 मई तक तीव्र लू का दौर लगातार जारी रहेगा। विशेषकर दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में पारा 45 से 47 डिग्री के बीच बने रहने का अनुमान है। चिंता की बात यह है कि 25 मई से ‘नौतपा’ शुरू हो रहा है, जिससे तापमान में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।
गर्मी के इस भीषण प्रकोप को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता, किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। प्यास न भी लगे, तब भी लगातार पानी पीते रहें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस (ORS) घोल, घर की बनी लस्सी, नींबू पानी, छाछ या चावल का पानी (मांड) लें। बाहर जाते समय हमेशा हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर रखें। बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें।
किसानों के लिए सलाह
- सिंचाई का समय: फसलों को गर्मी के तनाव से बचाने के लिए सिंचाई केवल सुबह या देर शाम को ही करें।
- थ्रेशिंग का काम: गेहूं और जौ की थ्रेशिंग का काम निपटाकर भूसे को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें ताकि वह तेज हवा में न उड़े।
- फसलों की सुरक्षा: तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए सब्जियों में अभी सिंचाई रोक दें और अगले 3 दिनों तक कपास की बुवाई टाल दें।
पशुधन (पशुओं) का बचाव
पशुओं को हमेशा ठंडे और छायादार शेड में रखें। उन्हें पीने का पर्याप्त और ताजा पानी उपलब्ध कराएं। गर्मी से बचाने के लिए पशुओं को रोजाना 50 ग्राम नमक और मिनरल मिक्सचर जरूर दें।
