हरियाणा में फिर बढ़ेगी गर्मी, कल से लू का अलर्ट; मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
हरियाणा में पिछले दिनों आई आंधी और हल्की बारिश के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 17 मई से गर्मी तेज होने लगेगी और अगले पांच दिनों तक लू चलने की संभावना है. राजस्थान की तरफ से आने वाली गर्म हवाएं हरियाणा के तापमान को तेजी से बढ़ाएंगी, जिससे दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर महसूस होगा.
पश्चिम और दक्षिण हरियाणा में ज्यादा असर: भारतीय मौसम विज्ञान विभागने पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा के कई जिलों में हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है. 17 मई को हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में लू चल सकती है. इसके बाद 18 और 19 मई को रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह और पलवल तक इसका असर बढ़ने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है.
तापमान में होगी लगातार बढ़ोतरी: मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार से पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. गुरुवार को नूंह प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रोहतक में 40.8 डिग्री, जबकि सिरसा और नरवाना में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया. आने वाले दिनों में गर्म हवाओं के कारण तापमान और बढ़ने की संभावना है.
रात में भी बढ़ेगी गर्मी: दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. रोहतक में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि हिसार में 23.7 और गुरुग्राम में 22.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा, जिससे रात के समय भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है.
25 मई से शुरू होगा नौतपा: मौसम विभाग के अनुसार 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहेगा. इस दौरान सूर्य की तेज किरणों के कारण साल की सबसे अधिक गर्मी पड़ती है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार नौतपा के दौरान तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है.
किसानों और पशुपालकों के लिए एडवाइजरी:कृषि मौसम विज्ञान केंद्र ने किसानों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. किसानों को फिलहाल कपास की बुवाई टालने, पकी गेहूं और जौ की फसल की जल्द कटाई और थ्रेशिंग करने को कहा गया है. साथ ही भूसे को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है. सब्जी उत्पादकों को सिंचाई रोकने और तैयार फसल की कटाई करने को कहा गया है. वहीं पशुपालकों को तेज गर्मी और मौसम बदलाव के दौरान पशुओं को शेड में रखने तथा पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है.
