हरियाणा के कृषि मंत्री ने अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने की परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागों के बीच तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने के लिए जारी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। राणा ने यहां मंगलवार विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और अंतर-विभागीय समन्वय बढ़ाकर परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश जारी किए। आधिकारिक बयान के अनुसार, कृषि, किसान कल्याण, मत्स्य पालन तथा पशुपालन मंत्री ने जलीय कृषि के जरिये किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत तलाशने के लिए वैश्विक स्तर पर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। भिवानी और सिरसा जिलों की मत्स्य पालन परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों के पानी का उपयोग मत्स्य और झींगा पालन के लिए प्रभावी ढंग से किए जाने की वकालत की जिससे राज्य में एक स्थायी नीली क्रांति को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री ने अधिकारियों को अतिरिक्त खारे पानी वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा उन्हें जलीय कृषि के लिए उपयोगी बनाने हेतु परियोजनाएं विकसित करने का निर्देश दिया। राणा ने कहा कि जून के बाद सरकार का लक्ष्य एक लाख एकड़ खारी मिट्टी को पुनः प्राप्त कर उसे उत्पादक संसाधन में बदलना होगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे वन विभाग के साथ मिलकर लवणीय भूमि पर नीलगिरी (यूकेलिप्टस) और अन्य पेड़ लगाएं, जिससे किसानों के लिए आय का एक वैकल्पिक स्रोत सृजित हो सके। बैठक में उपस्थित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू ने आश्वासन दिया कि झींगा पालन के लिए खारे पानी के संसाधनों का प्रभावी ढंग से दोहन करने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी।