महंगाई की डबल मार: पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी महंगी, ईरान-हॉर्मुज संकट का असर
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी का असर अब आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के ठीक बाद, शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब CNG की नई कीमत 77.09 रुपये से बढ़कर 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई और आसपास के इलाकों (MMR) में भी CNG के दाम 2 रुपये बढ़ाए थे, जहाँ अब कीमत 84 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई है।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को ही पेट्रोल की कीमतों में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये, मुंबई में 106.68 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह डीजल के दाम भी कोलकाता में 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुँचे हैं।
ईंधन की कीमतों में आ रही इस तेजी का मुख्य कारण 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ ईरान-अमेरिका युद्ध है। इस संघर्ष के चलते पश्चिम एशिया में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से बाधित हो गई है। हॉर्मुज जलसंधि, जहाँ से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस प्राप्त करता है, वहाँ नाकेबंदी जारी है। युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी में भारत जो कच्चा तेल आयात करता था, उसकी औसत कीमत 69 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं और अब यह औसतन 113-114 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।
