मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा छोड़ चुके युवाओं को किया सम्मानित, लुधियाना से हुई नशा विरोधी मुहिम ‘सूरमा’ की शुरुआत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को लुधियाना के गुरु नानक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य की नशा विरोधी ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की। इस अवसर पर नशे की लत से बाहर निकल चुके युवाओं को ‘सूरमा’ की उपाधि देते हुए विशेष अंगूठी पहनाकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में दोबारा सम्मान मिलना ऐसे युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और वे दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई युवा अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो राज्य सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार नशा मुक्त पंजाब की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। उनके अनुसार सरकार अनुकूल माहौल तैयार कर सकती है, लेकिन वास्तविक बदलाव युवाओं की भागीदारी से ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ चुके युवा अब समाज में सकारात्मक बदलाव के दूत बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 3,000 जिम और 3,100 खेल स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि खेल स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूरी बनाए रखने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा और रोजगार को सामाजिक बदलाव का आधार बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से गरीबी कम करने में मदद मिलती है और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के तहत पात्र लोगों को 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा कार्ड उपलब्ध करा रही है तथा अनेक बीमारियों के उपचार की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नशा छुड़ाना नहीं बल्कि युवाओं को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर वापस लाना भी है।
