वायरल वीडियो मामले में सीएम का विपक्ष पर हमला, पेश किए सबूत; बोले- मास्क पहना व्यक्ति गले का निशान बनाना भूला
चंडीगढ़। कथित वायरल वीडियो विवाद पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनके नाम से वायरल किया जा रहा वीडियो पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने दावा किया कि यह उन्हें राजनीतिक और धार्मिक तौर पर बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है।
साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अकाल तख्त साहिब आज भी उन्हें बुलाता है तो वह पेश होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक नाम लेवा संगत का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा। अकाल तख्त से ऊपर कोई नहीं। धार्मिक विवाद को लेकर मुख्यमंत्री ने एसजीपीसी पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार के बोर्ड लगाए जा रहे हैं, लेकिन सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ ऐसे बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए। मान ने कहा कि यह दोहरे मापदंड का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कुछ संस्थाओं और राजनीतिक दलों ने मिलकर उनके खिलाफ माहौल बनाया है।
सीएम का दावा, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने पहना मास्क।
सीएम मान ने सबूत किए पेश
भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्क्रीन पर वीडियो दिखाकर दावा किया कि उसमें नजर आ रहा व्यक्ति उनके कद-काठी से मेल नहीं खाता।
गर्दन पर पुराने आपरेशन का निशान भी दिखाया और कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की गर्दन पर ऐसा कोई निशान नहीं है।
वीडियो में मौजूद शख्स ने मास्क पहन रखा है, जिससे उसकी असली पहचान छिपाई गई।
सीएम मान ने एक अन्य तस्वीर भी मीडिया के सामने रखी, जिसमें एक व्यक्ति हाथ में मास्क पकड़े नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह व्यक्ति फिलहाल कनाडा में है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस जगह की तस्वीर दिखाई जा रही है, वह किसी होटल की प्रतीत होती है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वीडियो में दिखाया गया व्यक्ति एक नकली शख्स है और उसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला ब्लैकमेलिंग का हिस्सा लगता है।
जल्द बताएंगे डायरेक्टर-प्रोड्यूसर कौन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कथित वीडियो के “डायरेक्टर और प्रोड्यूसर” कौन हैं, इसका खुलासा आने वाले दिनों में किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव में पड़ोसी राज्य की पुलिस ने फर्जी कार्रवाई की है। सीएम मान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब में अब कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल का संयुक्त मोर्चा बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब उनकी छवि खराब करने की कोशिश हुई हो। पिछली विधानसभा चुनाव के दौरान भी विरोधियों ने वीडियो जारी कर उन्हें शराबी साबित करने की कोशिश की थी। अब जब विधानसभा चुनाव करीब आने लगे हैं तो विरोधियों ने फिर वही हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं।
मान ने कहा कि राजनीतिक लड़ाई में उन्हें हराने में असफल विपक्ष अब धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब की जनता सब समझ रही है और सच ज्यादा समय तक छिपाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि वह जनता और संगत की अदालत में खड़े हैं और अंतिम फैसला वहीं से स्वीकार करेंगे।
