तिरंगा यात्रा में बच्चों की हालत बिगड़ी, उल्टियां हुईं, चक्कर खाकर सड़क पर गिरे छात्र, मेडिकल इंतजामों पर सवाल
हरियाणा के फरीदाबाद में खेल मंत्री गौरव गौतम की मौजूदगी में निकाली गई भाजपा की तिरंगा यात्रा के दौरान कई स्कूली बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। यात्रा में शामिल कुछ बच्चों को उल्टियां हुईं, जबकि कुछ छात्र चक्कर आने के बाद गश खाकर सड़क पर गिर पड़े। बच्चों की हालत बिगड़ते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि यात्रा में बड़ी संख्या में सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे शामिल हुए थे। गर्मी, भीड़ और लंबे समय तक धूप में रहने के कारण कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। शिक्षकों और साथ चल रहे छात्रों ने तुरंत बच्चों को संभाला और प्राथमिक मदद दी।
यात्रा अपने निर्धारित रूट पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान कुछ बच्चों ने अचानक चक्कर आने और जी मिचलाने की शिकायत की। इसके बाद कई बच्चों को उल्टियां होने लगीं। कुछ छात्र कमजोरी और चक्कर आने के कारण सड़क पर गिर गए।
बच्चों की हालत देखकर शिक्षकों ने उन्हें भीड़ से अलग कर छायादार जगह पर पहुंचाया। कुछ बच्चों के चेहरे पर पानी के छींटे मारे गए और उन्हें पानी पिलाया गया। साथी छात्रों और अभिभावकों ने भी बच्चों को संभालने में मदद की।
यात्रा को लेकर एक और सवाल इसके समय को लेकर उठ रहा है। जानकारी के मुताबिक तिरंगा यात्रा सुबह 7 बजे शुरू होनी थी, लेकिन करीब 10 बजे शुरू हुई। इस दौरान गर्मी बढ़ने के कारण बच्चों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
अभिभावकों का कहना है कि बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को शामिल किए जाने के बावजूद गर्मी और भीड़ को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। अभिभावकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में पर्याप्त पीने के पानी, मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए थी।
लोगों का आरोप है कि भीड़ नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। हालांकि, शिक्षकों और अन्य लोगों ने समय रहते बच्चों को संभाल लिया, जिससे स्थिति गंभीर होने से बच गई।
तिरंगा यात्रा में खेल मंत्री गौरव गौतम मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। यात्रा में स्थानीय नेता, प्रशासनिक अधिकारी, स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे।
फिलहाल बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटना को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
