चंडीगढ़: प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सुखना लेक से वॉकाथॉन को दिखाई हरी झंडी
चंडीगढ़ को नशामुक्त और स्वस्थ शहर बनाने के उद्देश्य से शनिवार को सुखना लेक पर ‘नशे के खिलाफ वॉकाथॉन’ का आयोजन किया गया। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वॉकाथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण विभाग की ओर से ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से समाप्त नहीं की जा सकती। इसके लिए सरकार, परिवार, समुदाय और प्रत्येक नागरिक को मिलकर लगातार प्रयास करने होंगे। उन्होंने युवाओं के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा जीवन में सकारात्मक विकल्प चुनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में चंडीगढ़ की खेल प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। इन खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धियों के साथ युवाओं के सामने सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। सम्मानित खिलाड़ियों में अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी एंगल यादव, अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज संयम, अंतरराष्ट्रीय तलवारबाज प्रांशी अरोड़ा, अंतरराष्ट्रीय तलवारबाज यशकीरत कौर हेयर और मुक्केबाज गुरसीरत कौर शामिल रहीं।
वॉकाथॉन में स्कूल शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस और खेल विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा विभिन्न विभागों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देते हुए लोगों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, समाज कल्याण सचिव हरप्रीत सिंह सूदन, मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन सौरभ कुमार तथा समाज कल्याण निदेशक नवीन रत्तू सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वॉकाथॉन के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
