अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ईरान को सख्त चेतावनी- हिंसा का जवाब अब सिर्फ हिंसा से ही मिलेगा
पश्चिम एशिया में रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद युद्ध की चिंगारी एक बार फिर भड़क उठी है। ओमान के तट के पास सिंगापुर के झंडे वाले कार्गो जहाज ‘एम/वी एवर लवली’ पर हुए आत्मघाती ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर ताबड़तोड़ मिसाइल और हवाई हमले कर उसके सैन्य तंत्र को भारी चोट पहुंचाई है।
इस भीषण सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अगर ईरान ने शांति की भाषा नहीं समझी, तो अब हर विधिक और सैन्य स्तर पर हिंसा का जवाब सिर्फ हिंसा से ही दिया जाएगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा करते हुए अमेरिकी एक्शन को पूरी तरह जायज ठहराया। जेडी वेंस ने लिखा कि “ईरान ने खुद संघर्ष-विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका ने उस एमओयू का पूरी तरह सम्मान किया।
यदि ईरान को समझौते के प्रावधानों को लागू करने को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्ति या समस्या थी, तो बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए था; वे फोन उठा सकते थे। लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कॉरिडोर में हिंसा का सहारा लिया, जिसका जवाब अब अमेरिका उसी की भाषा में ताकत के साथ दे रहा है।” उन्होंने साफ किया कि यदि भविष्य में भी ईरान ने सीजफायर तोड़ा, तो अमेरिका हर हमले का मुकाबला और भी ज्यादा आक्रामक तरीके से करेगा।
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका के इन सभी दावों और आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए लैटिन अमेरिका और खाड़ी देशों के मुहाने पर नया मोर्चा खोल दिया है। ईरानी नौसेना के कमांडरों का दावा है कि उन्होंने अपने दक्षिणी शहर सीरिक के पास स्थित बंदरगाह क्षेत्र पर हुए हमले के जवाब में वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कड़ा पलटवार किया है।
हालांकि, दोनों ही देशों ने इस सैन्य झड़प में एक-दूसरे को हुए वास्तविक नुकसान का पूरा ब्योरा अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है।
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के अंतर्गत आने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए होर्मुज जलमार्ग से हजारों नाविकों और सैकड़ों जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के अपने विशेष रेस्क्यू अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
