साइबर ठगी का नया खेल बेनकाब, ठगी के पैसों से खरीदते थे ऑनलाइन गोल्ड; बेचकर करते थे लाखों की कमाई, 12 आरोपी गिरफ्तार
रोहतक साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तराखंड के देहरादून से 10 और महाराष्ट्र से 2 आरोपी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के दो आरोपियों ने एक कंपनी के मालिक के व्हाट्सएप नंबर का दुरुपयोग कर रोहतक स्थित कंपनी के मैनेजर को झांसे में लिया और 17 लाख रुपये की ट्रांजैक्शन करवा कर ठगी को अंजाम दिया। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इन आरोपियों ने मालिक का लैपटॉप हैक कर लिया था। इसके जरिए उन्होंने मैनेजर को मैसेज कर मीटिंग में होने की बात कही और 17 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों से ठगी कर प्राप्त रकम से ऑनलाइन गोल्ड खरीदते थे और बाद में दूसरी वेबसाइटों पर उसे बेचकर पैसे को ट्रांसफर कर देते थे। इस तरह पैसा उनके पास पहुंच जाता था और मनी ट्रेल भी खत्म हो जाती थी। इस वजह से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में परेशानी होती थी।
दूसरे मामले में रोहतक साइबर थाना पुलिस ने देहरादून में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को फोन कर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देता था और विभिन्न तरीकों से उनसे ठगी करता था। ठगों के कहने पर पीड़ित अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी पूरी जानकारी एक वेबसाइट में अपडेट कर देते थे और ओटीपी भी भेज देते थे। हालांकि, ओटीपी अमेजन या अन्य शॉपिंग वेबसाइट से सोने के सिक्के खरीदने के लिए होता था। ओटीपी मिलते ही आरोपी सोने के सिक्के खरीद लेते थे और दूसरी वेबसाइट पर ये सिक्के बेचकर पैसा अपने पास रख लेते थे।
मामले का खुलासा करते हुए गौरव राजपुरोहित ने बताया कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस उनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी के नेटवर्क और धन के लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि फ्रॉड करने वाली टीम कोलकाता की है। वहां जाकर गिरफ्तारी करने के लिए भी पुलिस अधिकारी काम कर रहे हैं।
