चंडीगढ़ मर्डर केस में बड़ा खुलासा: जानकी दास नहीं, ‘कुमार एंड कंपनी’ थी हमलावरों के निशाने पर!

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चंडीगढ़: सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल (एससीओ नंबर-14) में शनिवार दोपहर करीब 2:28 बजे हुई कैशियर जानकी दास की हत्या सिर्फ दहशत के मकसद से की गई। जबकि असली निशाना कुमार एंड कंपनी था।

सूत्रों के अनुसार दोनों शूटर वारदात से करीब 15 मिनट पहले कुमार एंड कंपनी पहुंचे थे। सीसीटीवी कैमरे में आरोपितों की गतिविधियां कैद हुई है। उनके चेहरे मास्क से ढके हुए थे। सूत्रों ने बताया हमलावर दुकान के अंदर तक गए, लेकिन बाहर सुरक्षा में तैनात पुलिस मुलाजिम, दुकान में भीड़ और ठीक सामने लगे पुलिस नाके को देखकर उन्होंने अपना प्लान बदल दिया।

इसके बाद करीब 20 मिनट तक दुकानों के बाहर रैकी करने के बाद उन्होंने आसान निशाना तलाशते हुए श्री कुमार मेडिकल में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हालांकि सामने ही नाका था, लेकिन कुमार एंड कंपनी कि तरह ठीक सामने नहीं था।

जोखिम कम होने के कारण हमलावरों ने चंद सेकंडों में श्री कुमार मेडिकल पर सबसे आगे काउंटर पर खड़े कैशियर जानकी दास को निशाना बनाया। पुलिस का मानना है कि ऑटोमैटिक जिगाना पिस्टल से फायरिंग की है, जिसमें एक बार ट्रिगर दबाने से पूरी मैगजीन खाली हो जाती है।

श्री कुमार मेडिकल में हुई फायरिंग के बाद गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में कुमार ब्रदर्स का जिक्र किया। इससे जांच एजेंसियों का संदेह और मजबूत हो गया है कि असली निशाना कुमार ब्रदर्स ओर कुमार एंड कंपनी ही थे। दोनों दुकान एक ही परिवार की हैं।

वारदात की अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक छोड़कर ऑटो में कजहेड़ी पहुंचे। जहां आरोपितों ने कपड़े की दुकान पर कपड़े खरीदे। इसके बाद पैदल बस स्टैंड की तरफ जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस बस स्टैंड के कैमरे खंगाल रही है।

पुलिस को आशंका है कि हो सकता है हमलावर बस में बैठकर गए होंगे। हालांकि कैमरों की कमी के चलते आरोपियों की पूरी मूवमेंट नहीं पता चल पा रही है। चंडीगढ़ पंजाब पुलिस की कई टीमें पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि कुमार एंड कंपनी के अंदर तक हुए। दुकान के गेट का ही पुलिसकर्मी तैनात था, जो उन्हें सुरक्षा के चलते चंडीगढ़ पुलिस ने दिया हुआ है। वारदात को अंजाम देने में असफल होने पर हमलावर दुकानों के बाहर घूमते रहे और लगातार रैकी करते रहे। सूत्रों की माने तो आरोपित किसी अन्य दुकान के अंदर नहीं गए।

इसके बाद दोनों आरोपी श्री कुमार मेडिकल स्टोर में घुसे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने करीब 13 गोलियां चलाईं। गोलियां लगने से कैशियर जानकीदास की मौके पर ही मौत हो गई।

सूत्रों के अनुसार जानकी दास की किसी से कोई निजी रंजिश नहीं थी। न तो उनका किसी गैंगस्टर से संबंध था और न ही किसी प्रकार का विवाद। पुलिस का मानना है कि विदेश में बैठे इनामी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने इलाके में दहशत फैलाने और केमिस्ट कारोबारियों पर दबाव बनाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिलाया।

यह बार नहीं है जब कुमार ब्रदर्स और कुमार एंड कंपनी को गैंगस्टरों की धमकियों का सामना करना पड़ा हो। वर्ष 2018 में गैंगस्टर संपत नेहरा ने कारोबारी परिवार से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। उस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके अलावा दुकान के नंबरों पर विदेशी नंबरों से लगातार कॉल आती रहीं।

हालांकि कारोबारी परिवार की ओर से उन कॉलों का कोई जवाब नहीं दिया गया और नंबरों को ब्लॉक कर दिया गया। गोल्डी बराड़ ने भी कुमार एंड कंपनी के नंबर पर वॉयस नोट भेजकर कहा था कि उन्होंने काफी पैसा कमा लिया है और अब “टैक्स” देने की बारी है। इसके बाद पुलिस को भी शिकायत दी गई थी।

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