चंडीगढ़ सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चिन्नी की हत्या में कैथल से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि शूटरों ने वारदात से पहले तीन से चार दिनों तक लगातार चिन्नी की रेकी की। वे न्यू चंडीगढ़ तक उसके पीछे पहुंचे जहां एक कार वॉशिंग सेंटर पर उसकी फॉर्च्यूनर खड़ी मिली लेकिन चिन्नी मौके पर नहीं था। मौका न मिलने पर आरोपी लौट गए और बाद में साजिश को अंजाम दिया। मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों को कैथल से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैंगस्टर लक्की पटियाल के निर्देश पर दोनों शूटर लगातार चिन्नी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। उन्हें पहले से इनपुट दिया गया था कि चिन्नी अक्सर जिम या अपने ऑफिस में मिलता है। इसी आधार पर वे उसकी मूवमेंट ट्रैक कर रहे थे। वारदात से पहले दोनों आरोपी तीन दिन तक कजहेड़ी के एक होटल में ठहरे रहे जहां पूरी प्लानिंग को अंतिम रूप दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार और बाइक की व्यवस्था भी चंडीगढ़ में ही करवाई गई थी। आरोपियों के पास चिन्नी की फॉर्च्यूनर का नंबर पहले से मौजूद था जिससे वे आसानी से उसका पीछा कर सके। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी साजिश के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।