पंजाब में अचानक बदला मौसम, कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि; 24 घंटे में 10 डिग्री गिरा तापमान
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रविवार को शहर का मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं, घने बादलों और रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण दिनभर ठंडक बनी रही और मार्च के महीने में एक बार फिर सर्दी का अहसास लौट आया।
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। रविवार को दिन का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शनिवार के 32 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले लगभग 10 डिग्री कम रहा। मौसम में बदलाव रविवार सुबह करीब चार बजे शुरू हुआ, जब अचानक तेज हवाएं चलने लगीं।
हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। इसके बाद बादलों ने पूरे शहर को घेर लिया। सुबह नौ बजे शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हुई। कुछ देर मौसम साफ रहा, लेकिन करीब साढ़े ग्यारह बजे फिर बादल छा गए और कई क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हो गई।
बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी जमा हो गया और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव का असर खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिला। कई अभिभावकों को छोटे बच्चों के लिए फिर से हल्के गर्म कपड़े निकालने पड़े, जबकि बुजुर्गों को भी ठंड से बचने के लिए शॉल और स्वेटर का सहारा लेना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार 20 मार्च तक शहर में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
तेज हवाओं और बारिश के कारण शहर के दो दर्जन से अधिक इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कुछ जगहों पर दोपहर बाद और कई क्षेत्रों में शाम को बिजली बहाल हो सकी। वहीं तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
शिशु रोग विशेषज्ञ डा. राजिंदर गुलाटी ने कहा कि पिछले शनिवार से मौसम बदल गया है। गर्मी से हल्की ठंड हो गई है। इस तरह के मौसम में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम के अनुरूप हल्के गर्म कपड़े जरूर पहनाएं।
बच्चों को ठंडे पानी से नहलाने की जगह हलके कोसे पानी से नहाएं, नहीं तो बच्चे वायरल व खांसी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ सकते हैं। आजकल वैसे भी बच्चों में अस्थमा टाइप एलर्जी देखने को मिल रही है। अब कटाई शुरू हो जाएगी, तो यह समस्या और बढ़ेगी। इसलिए, जिन बच्चों को मौसम के बदलाव से एलर्जी की शिकायत है, उन्हें समय पर दवाएं देते रहे और धूल मिटटी से बचाकर रखें।
मोहनदेई ओसवाल अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डा. प्रदीप कपूर ने कहा कि लोगों ने एसी शुरू कर दिए थे। लेकिन, अब जब मौसम बदल गया है तो कमरे में कूलिंग नहीं रखनी। पंखे भी कंट्रोल में रखने हैं। पंखे बहुत तेज नहीं रखने।
अचानक बदले मौसम के मुताबिक बुजुर्गों को, छाती व श्वास रोगियों को कपड़े पहनने चाहिए। हल्की सी ठंड छाती व श्वास रोगों को बढ़ावा दे सकती है। ठंडे पानी से नहाने से बचे। दूसरा, इस समय तेज हवा की वजह से धूल मिटटी उड़ रही है। इसलिए, चेहरे को मास्क से कवर करके ही घर से बाहर निकले।
पिछले एक सप्ताह का तापमान
- 9 मार्च – 33.0
- 10 मार्च – 32.8
- 11 मार्च – 32.0
- 12 मार्च – 30.0
- 13 मार्च – 31.0
- 14 मार्च – 32.2
- 15 मार्च – 22.7
