चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर सितंबर में मेगा ब्लॉक की तैयारी, बदलेंगे ट्रेनों के प्लेटफार्म
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य के चलते सितंबर के तीसरे सप्ताह से ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। स्टेशन का पुनर्निर्माण कर रही अहलूवालिया कंपनी ने रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) से 15 दिन का ब्लॉक मांगा है और इसका प्रस्ताव अंबाला मंडल को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद ब्लॉक की अंतिम तारीख तय होगी और उसी के आधार पर ट्रेनों के प्लेटफार्म, संचालन और शेड्यूल में बदलाव की जानकारी सामने आएगी।
प्रस्ताव के अनुसार 15 दिनों के दौरान स्टेशन के अलग-अलग प्लेटफार्म पर दो-दो दिन का ब्लॉक लिया जाएगा। जिस प्लेटफार्म पर निर्माण कार्य होगा, वहां से 24 घंटे तक किसी ट्रेन का संचालन नहीं किया जाएगा। इससे यात्रियों को अपने सफर से पहले प्लेटफार्म और ट्रेन की स्थिति जांचना जरूरी होगा। चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास में पहले भी प्लेटफार्म ब्लॉक के कारण ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले जा चुके हैं। जनवरी 2026 में प्लेटफार्म नंबर-1 पर 15 दिन का मेगा ब्लॉक लिया गया था।
रेलवे की योजना के मुताबिक सबसे पहले प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 पर दो दिन का ब्लॉक लिया जा सकता है। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर 3 और 4 तथा 5 और 6 पर भी दो-दो दिन का ब्लॉक प्रस्तावित है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित प्लेटफार्म को अगले दिन ट्रेनों के संचालन के लिए खोल दिया जाएगा। यानी पूरे स्टेशन को एक साथ बंद करने के बजाय अलग-अलग प्लेटफार्म पर काम किया जाएगा, जिससे बाकी प्लेटफार्म से ट्रेन सेवाएं जारी रखी जा सकें।
स्टेशन के पुनर्विकास के तहत चंडीगढ़ और पंचकूला की तरफ बनी नई इमारतों के बीच कॉनकोर्स तैयार किया गया है। यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए दोनों तरफ के फुट ओवर ब्रिज (FOB) को पार्किंग क्षेत्र से जोड़ा जा रहा है। एफओबी के दोनों तरफ पिलर तैयार हो चुके हैं। अब इनके ऊपर गार्टर और छत डालने का काम किया जाना है। प्लेटफार्म के ऊपर से गुजरने वाले एफओबी हिस्से पर भी यही काम होना है। निर्माण के दौरान सुरक्षा के लिए संबंधित प्लेटफार्म को पूरी तरह खाली रखना जरूरी होगा, इसी वजह से रेलवे से अलग-अलग प्लेटफार्म पर ब्लॉक मांगा गया है। चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में यात्रियों की आवाजाही के लिए दो नए एफओबी का प्रावधान पहले से किया गया है।
पुनर्विकास परियोजना के तहत पंचकूला की तरफ एफओबी का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब प्लेटफार्म के ऊपर से गुजरने वाले हिस्से का निर्माण बाकी है। चंडीगढ़ की तरफ भी कॉनकोर्स से जुड़े एफओबी का काम चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। निर्माण कंपनी की योजना है कि प्लेटफार्म के ऊपर वाले हिस्से का काम ब्लॉक के दौरान पूरा कर लिया जाए, ताकि स्टेशन के पुनर्विकास का यह हिस्सा तेजी से आगे बढ़ सके।
15 दिन के ब्लॉक के दौरान संबंधित प्लेटफार्म से ट्रेन संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। ऐसे में कुछ ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से चलाने, कुछ को रद्द करने और जरूरत पड़ने पर उनके संचालन में बदलाव करने की संभावना है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि कौन-सी ट्रेन किस दिन प्रभावित होगी। अंबाला मंडल की मंजूरी के बाद ही ब्लॉक की तारीख और संबंधित ट्रेनों की सूची स्पष्ट होगी। इससे पहले भी स्टेशन के निर्माण कार्य के दौरान ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्मों से चलाने और कुछ सेवाओं के लिए घग्घर व मोहाली जैसे वैकल्पिक स्टॉप की व्यवस्था की जा चुकी है।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ट्राईसिटी के यात्रियों के लिए प्रमुख रेल केंद्र है। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री यहां से सफर करते हैं, इसलिए 15 दिन के ब्लॉक का असर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए रेलवे ट्रेनों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। कुछ ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से चलाने के साथ अंबाला और घग्घर रेलवे स्टेशन से संचालन की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इन विकल्पों को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
फिलहाल 15 दिन के ब्लॉक का प्रस्ताव अंबाला मंडल के पास भेजा गया है। मंडल की मंजूरी के बाद ब्लॉक की अंतिम तारीख और प्लेटफार्मवार कार्य योजना तय होगी।
इसके बाद रेलवे की ओर से यह जानकारी जारी की जाएगी कि कौन-सी ट्रेन रद्द होगी, किन ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले जाएंगे और किन सेवाओं को जरूरत पड़ने पर दूसरे स्टेशनों से चलाया जाएगा। यात्रियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि सितंबर में सफर करने से पहले रेलवे की ओर से जारी अपडेट जरूर देख लें।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पहले से चल रही बड़ी परियोजना है। स्टेशन के नवीनीकरण पर 436.29 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी पहले दी जा चुकी है और परियोजना का काम अंबाला मंडल के अधीन चल रहा है।
