चंडीगढ़ में ओला के बाद अब इंड्राइव पर भी बैन, 6 महीने के लिए लाइसेंस निलंबित

0

चंडीगढ़ में ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ओला के बाद अब इंड्राइव का एग्रीगेटर लाइसेंस भी छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है।

राज्य परिवहन प्राधिकरण ने इंडसिस्टम्स आईटी प्राइवेट लिमिटेड, जो इंड्राइव के नाम से सेवा संचालित करती है, का लाइसेंस 10 अगस्त से तत्काल प्रभाव से छह महीने के लिए निलंबित किया है। कंपनी को चंडीगढ़ में कैब और बाइक टैक्सी सेवा संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में इंड्राइव से जुड़े कैब और बाइक टैक्सी मालिकों तथा चालकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने वाहनों को कंपनी के साथ जोड़कर न चलाएं। साथ ही इंड्राइव के मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से सवारी की बुकिंग स्वीकार नहीं करने को कहा गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित वाहनों के चालान करने के साथ उन्हें जब्त भी किया जा सकता है।

प्राधिकरण ने आम लोगों से भी इंड्राइव के माध्यम से चलने वाली कैब और बाइक टैक्सी की बुकिंग नहीं करने की अपील की है। यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण में पंजीकृत अन्य वैकल्पिक मोबाइल अनुप्रयोगों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

इंड्राइव से पहले 17 जून 2026 को राज्य परिवहन प्राधिकरण ने एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड यानी ओला का एग्रीगेटर लाइसेंस भी छह महीने के लिए निलंबित किया था। ओला के खिलाफ चंडीगढ़ मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम-2025 के प्रावधानों का पालन नहीं करने सहित कई शिकायतें सामने आई थीं। इनमें चालकों के लिए बीमा, प्रशिक्षण, किराया व्यवस्था और कंपनी के संचालन से जुड़े नियमों का पालन प्रमुख था।

प्राधिकरण ने कंपनी को नियमों के अनुपालन और आवश्यक जवाब देने के निर्देश दिए थे। अपेक्षित अनुपालन नहीं होने के बाद लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई। ओला के बाद अब इंड्राइव के खिलाफ हुई कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन एग्रीगेटर नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।

चंडीगढ़ में एग्रीगेटर कंपनियों के संचालन को लेकर राज्य परिवहन प्राधिकरण पहले भी कार्रवाई कर चुका है। अक्टूबर 2025 में ओला, उबर, रैपिडो और इंड्राइव को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। कंपनियों को निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए समय दिया गया था। चंडीगढ़ में कार्यालय, निर्धारित किराया, चालकों का बीमा, प्रशिक्षण और अन्य नियामकीय प्रावधानों के पालन को लेकर कंपनियों से जवाब मांगा गया था।

RAGA NEWS ZONE Join Channel Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *