देश के छात्रों के लिए पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले – पेपर लीक के खिलाफ बनाएंगे सख्त कानून
देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. सड़कों से लेकर विश्वविद्यालय परिसरों तक विरोध प्रदर्शन तेज हैं और इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए सरकार नया कानून लाने जा रही है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विधेयक सोमवार को संसद में पेश किया जाएगा और सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी.
आपको बता दें कि गुरुवार को पीएम मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी, जिसके कुछ ही घंटों बाद इसकी स्थापना भी कर दी गई. साथ ही शिक्षा सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटाने का फैसला भी लिया गया.
पीएम मोदी ने अपने वीडियो मैसेज में कहा, “फ्रेंड्स, मैं जानता हूं कि पेपर लीक यह कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों विद्यार्थी और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है और इसलिए पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में अनेक कदम उठाए गए. गुनहगारों को पकड़ा गया है. वे जेल में पड़े हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद ना हो. तत्काल परीक्षाएं लेना बहुत जरूरी था. सरकार ने अभी पूरी शक्ति का उपयोग करके कम से कम समय में 22 लाख विद्यार्थियों के एग्जाम हो जाए इसका प्रबंध किया और अभी पांच-छह दिन पहले 19 तारीख को रिजल्ट भी आ गया.”
उन्होंने कहा कि, “देश भर में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों की खुशियों की खबरें भी आ रही हैं, लेकिन हम वहां पर संतोष मानने वाले लोगों में से नहीं है. और इसलिए मैंने आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे. आज विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात मुझे मसौदा भी दे दिया. फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान के साथ इस मसौदे पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी. कैबिनेट के साथियों के सुझाव के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा और सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, तब जल्द से जल्द उस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा.”
सरकार की घोषणाओं के बावजूद छात्रों और विभिन्न राजनीतिक दलों का विरोध थमता नजर नहीं आ रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान करते हुए कहा है कि हर जिले में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. आम आदमी पार्टी ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है. राजधानी दिल्ली, मुंबई, पटना और असम के कई शहरों में पहले से ही छात्र और संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं अब देशभर में आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है.
