पंचकूला में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त : बह गया लोहे का पुल, उफनती नदी में फंसा किसान, नाले में बहे 2 युवक
हरियाणा के पंचकूला और इसके आसपास के इलाकों में मंगलवार दोपहर के बाद से हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिसका असर लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी देखने को मिला। बारिश के कारण क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और घग्गर नदी का रौद्र रूप देखने को मिला। इस मानसूनी आफत में जहां बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं आम जनजीवन भी खतरे में पड़ गया है।
बारिश के रौद्र रूप का सबसे बड़ा असर नाडा साहिब गुरुद्वारा के समीप देखने को मिला। यहां घग्गर नदी में आए पानी के जबरदस्त बहाव के कारण पुलिस ट्रेनिंग कैंप के पास बना लोहे का पुल ताश के पत्तों की तरह बह गया। इसके अलावा, अलीपुर और खटोली को आपस में जोड़ने वाला मुख्य पुल भी क्षतिग्रस्त होकर टूट गया है।
किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पंचकूला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पुल के दोनों ओर कड़े बैरिकेड्स लगा दिए हैं और वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। फिलहाल इस मार्ग से केवल पैदल यात्री ही जैसे-तैसे गुजर पा रहे हैं।
बारिश के कारण हादसों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सेक्टर-17 स्थित राजीव कॉलोनी के पास से गुजर रहे उफनते बरसाती नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से दो युवक बह गए। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की आपदा राहत टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि राजीव कॉलोनी के ही निवासी राजेश कुमार नामक दूसरे युवक का रात तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
राजीव कॉलोनी में नाले का पानी बस्तियों के अंदर न घुसे, इसके लिए स्थानीय नागरिकों ने खुद मिट्टी से भरे बोरे लगाकर पानी को रोकने का प्रयास किया। उधर श्यामटू गांव के पास नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने से एक किसान पानी के बीच में फंस गया। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान पर खेलकर और मुस्तैदी दिखाते हुए उसे रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला।
पिंजौर-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित फ्लाईओवर के नीचे से बहने वाली सुखना नदी भी अपने चरम पर बह रही है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तटीय व निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों के बीच भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। शासन-प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे पानी के स्रोतों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाकर रखें।
ट्राईसिटी के अन्य हिस्सों में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चंडीगढ़ के सेक्टर-28B की एक व्यस्त सड़क भारी बारिश की वजह से धंस गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं सेक्टर-22 स्थित प्रसिद्ध मोबाइल मार्केट की दुकानों के भीतर पानी भर गया, जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा।
मोहाली और जीरकपुर के इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मोहाली के नया गांव और जीरकपुर के कई अंदरूनी रास्तों पर डेढ़ फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई गाड़ियां रास्ते में ही बंद हो गईं।
मौसम विशेषज्ञों और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 19 और 20 अगस्त के दौरान हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिलेगी। हालांकि, 21 अगस्त से राज्य में मानसूनी हवाएं एक बार फिर से तेजी पकड़ेंगी।
21 अगस्त को उत्तरी, दक्षिणी और मध्य हरियाणा के कई जिलों जैसे भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार मानसून की टर्फ रेखा इस समय अमृतसर, लुधियाना, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी से होती हुई बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बन रहा है, जिससे मानसूनी हवाओं की सक्रियता और बढ़ेगी।
प्रदेश में बारिश के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान हिसार में 37.5°C दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद में 36.7°C, नूंह व पलवल में 36.2°C, भिवानी में 36.0°C, नारनौल में 35.5°C और रोहतक में 35.4°C तापमान दर्ज हुआ। राज्य के न्यूनतम तापमान में 0.6°C की हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
सबसे कम न्यूनतम तापमान भिवानी में 24.0°C, करनाल में 24.2°C और नारनौल में 24.5°C दर्ज हुआ। इसके विपरीत नूंह में 28.3°C, गुरुग्राम में 28.0°C और रोहतक में 27.8°C तापमान के साथ रातें अपेक्षाकृत अधिक गर्म रहीं। …..soure ….haribhoomi
